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कोटा बैराज के 16 गेट खुलने से बस्तियों में बाढ़ के हालात, घर छोड़ सुरक्षित स्थान पर पहुंचे लोग

High Alert In Rajasthan: Heavy Rain, Kota Barrage: कोटा बैराज के 16 गेट खुलने से चंबल किनारे बस्तियों में बाढ़ के हालात बन गए हैं।
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Aug 28, 2019
Colonies submerged
कोटा बैराज के 16 गेट खुलने से बस्तियों में बाढ़ के हालात, घर छोड़ सुरक्षित स्थान पर पहुंचे लोग

कोटा. जिले में मंगलवार से जारी बारिश का दौर बुधवार दोपहर 3 बजे तक रुक-रुक कर जारी रहा। कभी तेज तो कभी रिमझिम बारिश होती रही। हाड़ौती की प्रमुख नदियां उफान पर आने से नालों व खालें भी उफन गई। वहीं, कई कॉलोनियां जमलमग्न हो गई। प्रशासन से कोटा से लेकर धौलपुर तक हाई अलर्ट जारी कर दिया है। इसके अलावा बैराज से सटी बस्तियों में पानी भर गया है। वहां बाढ़ जैसे हालात बने हैं।

जवाहर सागर, गांधी सागर से लगातार भारी मात्रा में पानी की निकासी की जा रही है। बुधवार दोपहर को तीन बजे तक कोटा बैराज के 16 गेट खोल दिए गए। 13 साल बाद मंगलवार को चम्बल के सबसे बड़े बांध गांधीसागर के पांच स्लूज गेट खोले थे। बुधवार को दो गेट ओर खोल दिए गए। यानी दोपहर 3 बजे तक गांधी सागर के 12 स्लूज गेट खोल दिए गए। वहीं, जवाहर सागर व राणा प्रताप सागर बांध के 9-9 गेट खोले गए हैं।

गांधी सागर से 2 लाख क्यूसेक पानी की निकासी की गई। जबकि मंगलवार को 97 हजार क्यूसेक पानी की निकासी की गई। बांध के गेट खुलने के साथ ही कोटा सहित सवाई माधोपुर, करौली और धौलपुर में हाईअलर्ट जारी कर दिया गया। प्रशासन ने चंबल नदी की डाउन स्ट्रीम से निचली बस्तियों को खाली करवाया। कोटा बैराज के बुधवार सुबह 10 बजे तक 14 गेट खोलकर करीब दो लाख से ज्यादा क्यूसेक पानी की निकासी की गई है। जबकि मंगलवार दोपहर तक 12 गेट खोलकर एक लाख 13 हजार क्यूसेक पानी की निकासी की गई थी। वहीं, दस गेट खुले रहे। इनसे 93,640 क्यूसेक पानी की निकासी की गई।

यह बस्तियां जलमग्न
बैराज से भारी मात्रा में पानी की निकासी की जाने से नयापुरा, करबला, खाई रोड, हरिजन बस्ती डूब क्षेत्र की अन्य बस्तियां जलमग्न हो गई। बिजली हादसे की आशंका से केईडीएल ने एहतियात के तौर पर बिजली बंद कर दी है। केईडीएल की टीमें जल भराव वाले स्थानों पर निरंतर नजर बनाए हुए हैं।

रेस्क्यू टीम लोगों को पहुंचा रही सुरक्षित स्थान पर

नगर निगम की रेस्क्यू टीम ने डूब क्षेत्र की बस्तियों में बसे परिवारों को मकान खाली करवाकर उन्हें सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने में जुटी हुई है। जिला प्रशासन भी स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।

Updated on:
28 Aug 2019 03:48 pm
Published on:
28 Aug 2019 03:48 pm