
कोटा . कोटा उत्तर विधानसभा क्षेत्र के कार्यकर्ताओं की बैठक मंगलवार को विधायक के नयापुरा स्थित कार्यालय में हुई। करीब डेढ़ घंटे से अधिक चली बैठक में शुरुआती सवा घंटा तो नेता ही बोले। बाद में 15 मिनट में पहले से ही तय चुनींदा कार्यकर्ताओं का नाम लेकर बुलवाया गया। जिन्होंने सिर्फ तारीफों के पुल बांधे। बाकी को बोलने का मौका ही नहीं दिया।
एक दो कार्यकर्ताओं ने बोलने की कोशिश की और कहा कि उनकी ही सरकार में अधिकारी सुनते नहीं उनके कोई काम नहीं हो रहे। इस पर गृहमंत्री गुलाबचंद कटारिया ने कार्यकर्ताओं को नसीहत दी कि पार्टी व सरकार के बारे में जो भी कहना है वह घर में कहो। सड़क पर चिल्लाने की जरूरत नहीं है।
पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार गृहमंत्र गुलाबचंद कटारिया सुबह पौने दस बजे बैठक में पहुंचे। यहां ढोल बाजों के साथ उनका स्वागत किया गया। इसके बाद करीब दस बजे बैठक शुरू हुई। इससे पहले ही सभी कार्यकर्ताओं से कह दिया गया कि वे अपने मोबाइल बंदकर ले। कोई भी बैठक की रिकॉडिंग व फोटोग्राफी नहीं करेगा। बैठक में सबसे पहले विधायक प्रहलाद गुंजल ने सभी का स्वागत करते हुए विधानसभा क्षेत्र के बारे में जानकारी दी। उन्होंने पिछले चुनाव से लेकर वर्तमान में की जा रही तैयारियों तक के बारे में बताया।
इसके बाद महापौर महेश विजय, नगर विकास न्यास के अध्यक्ष रामकुमार मेहता,भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष प्रहलाद पंवार, भाजपा शहर अध्यक्ष हेमंत विजय व वरिष्ठ भाजपा नेता हनुमान शर्मा ने अपनी-अपनी बात कही। करीब सवा घंटा इसी में बीत गया। इसके बाद विधायक गुंजल ने 4-5 कार्यकर्ताओं के नाम लेकर उन्हें बोलने का मौका दिया जिनमें तनुजा खन्ना, रविन्द्र बैरवा, डॉ. डी.के. शर्मा व श्याम शर्मा समेत कुछ कार्यकर्ताओं को बोलने का मौका दिया। जिनमें से भी अधिकतर ने सिर्फ तारीफों के पुल बांधे।
एक-दो कार्यकर्ताओं ने कहा कि उनकी सरकार में सुनवाई नहीं हो रही। उनके काम नहीं हो रहे। निगम व नयास में कहने के बावजूद टिपटा स्थित दीनदयाल पार्क में मूर्ति तक पहुंचने के लिए सीढ़ी तक नहीं लगवा सके।