
कोटा . जिले के सांगोद में घरों एवं दुकानों से कचरे के संग्रहण में लगे ऑटो टीपर कर्मचारियों की कार्य में कथित लापरवाही सड़कों की सुंदरता पर दाग लगा रही है।
कर्मचारी खुले ऑटो टीपर में क्षमता से ज्यादा कचरे का परिवहन कर रहे हैं। आवागमन के दौरान कचरा सड़कों पर बिखरता रहता है। जगह-जगह सड़कों पर कचरा फैल जाता है।
साफ-सुथरी सड़कों पर फैला कचरा सड़कों को स्वच्छ रखने के पालिका के प्रयासों का मखोल उड़ाता है। उल्लेखनीय है कि यहां घर-घर कचरा संग्रहण व्यवस्था में नगरपालिका ने ऑटो टीपर वाहन लगा रखे हैं।
जो मुख्य मार्गों पर लगी दुकानों व घरों से कचरा संग्रहित कर उसे तीन किमी दूर खेराई बीड़ में बने डम्पिंग यार्ड तक लेकर जाते हैं। इसके लिए वाहन कर्मचारी घरों व दुकानों से कचरा संग्रहित करते हैं, लेकिन कई बार कर्मचारी इन वाहनों में इतना कचरा भर लेते हैं कि आवागमन के दौरान यह कचरा तेज हवा व झटके से सड़कों पर बिखरता जाता है।
कचरा सड़क पर ना फैले इसके लिए दुकानदार जिस कचरे को दुकानों में जमा रखते है उसी कचरे को ऑटो टीपर कर्मचारी सड़कों पर फैलाते हुए निकलते हैं।
हिदायत का नहीं कोई असर
कचरा एवं गंदगी मुक्त सड़के कस्बे की सुंदरता का परिचय कराती है। इसके लिए पालिका प्रशासन यहां मुख्य मार्गो की सड़कों व चौराहों पर सुबह व रात्रि में सफाई करवाती है।
सड़कें साफ-सुथरी रहे इसे लेकर पूर्व में कई बार पालिका जनप्रतिनिधियों ने वाहन कर्मचारियों को क्षमता से अधिक कचरे को वाहनों में नहीं भरने की हिदायत भी दी, लेकिन इसका इन कर्मचारियों पर कोई असर नहीं हो रहा। ऐसे में सड़कों को साफ-सुथरा रखने की पालिका की मंशा को कर्मचारी ही धत्ता बता रहे हैं।
कर्मचारियों को करेंगे पाबंद
समस्या को लेकर पूर्व में भी कर्मचारियों को कई बार वाहनों में कम कचरे का परिवहन करने की हिदायत दी गई है। इसको लेकर कर्मचारियों को पाबंद किया जाएगा।
प्रदीप सोनी, अध्यक्ष, स्वच्छता समिति नगर पालिका