
कोटा. बूंदी जिले के केशवरायपाटन क्षेत्र में चम्बल नदी किनारे अवैध बजरी खनन के दौरान 4 मजदूरों की दबकर मौत होने के बाद भी प्रशासन ने इस दर्दनाक हादसे से कोई सबक नहीं लिया। अभी भी चंबल का सीना छलनी कर अवैध खननकर्ता बजरी निकाल रहे हैं। खनन विभाग, वन विभाग व जिला प्रशासन आंखें मूंदे बैठा है। इसका ताजा उदाहरण किशनपुरा तकिया गांव में देखने को मिला।
चम्बल किनारे स्थित किशनपुरा तकिया गांव में बुधवार दोपहर चम्बल किनारे से ट्रैक्टर-ट्रॉली में अवैध तरीके से बजरी भरकर ला रहे चालक ने सड़क पर पुलिस को क्या देखा, उसके हाथ-पैर फूल गए। उसने ट्रैक्टर-ट्रॉली को तेज गति से दौड़ाना शुरू किया और गांव की गलियों में घुसा दिया। खुद को पुलिस से बचाने के लिए चालक चलते ट्रैक्टर-ट्रॉली से कूद गया। इससे ट्रैक्टर-ट्रॉली कुछ दूर तक बिना चालक के दौड़ी और फिर रामकुमार नागर व बंशीलाल नागर के मकान से जा टकराई। टक्कर इतनी जबर्दस्त थी कि मकान का आगे का हिस्सा, टॉयलेट और चबूतरा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। गनीमत रही कि इस दौरान वहां कोई नहीं था, इससे जनहानि टल गई। इसके बाद ग्रामीणों ने दौड़कर चालक को पकड़ा और पुलिस के हवाले कर दिया।
नम्बर प्लेट तक नहीं
ग्रामीणों ने बताया कि ट्रैक्टर-ट्रॉली पर कोई नम्बर प्लेट नहीं थी। इधर, भाजपा किसान मोर्चा के प्रदेश मंत्री मुकुट नागर ने बताया कि बजरी के अवैध खनन के लिए दौड़ती इन ट्रैक्टर-ट्रॉलियों को पकडऩे के लिए एसपी व वन विभाग के अधिकारियों को ज्ञापन देंगे।
पुलिस पर लगाया समझौते के लिए दबाव बनाने का आरोप
इसी परिवार के रामशंकर नागर ने बताया कि चालक को पकड़कर पुलिस को सौंप दिया था। पुलिसकर्मी उसे थाने ले गए थे, लेकिन थोड़ी देर बाद पुलिस की गाड़ी वापस आई और ट्रैक्टर मालिक से समझौता करने को कहा। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस ने समझौते का दबाव बनाया। पुलिस वालों ने कहा कि ट्रैक्टर मालिक आपको टॉयलेट बनाकर दे देगा या आप नकद राशि ले लो। उन्होंने कहा कि जब हमने ट्रैक्टर मालिक के खिलाफ मामला दर्ज कराने को कहा तो पुलिस थाने ले आई। यहां ट्रैक्टर मालिक लटूरलाल पहले से मौजूद था। यहां भी पुलिस ने समझौते का दबाव बनाया। नहीं माने तो पुलिस ने धमकाया कि तुमने ट्रैक्टर की हवा क्यों निकाली, तुम्हारे खिलाफ भी मामला दर्ज होगा। बहुत मुश्किल ने पुलिस ने रिपोर्ट ली। इस रिपोर्ट पर पुलिस ने रात 9 बजे बाद अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज
कर लिया।
थानाधिकारी ने नहीं उठाया फोन
जब इस मामले के बारे में रेलवे कॉलोनी थानाधिकारी अनीश अहमद से बात करनी चाही तो उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया। थाने का बैसिक फोन भी कई प्रयास के बाद भी नहीं लगा।
यहां से रोजाना गुजरती हैं 50-60 ट्राली
अवैध खननकर्ता चंबल से बजरी का खनन कर रहे हैं। केशवरायपाटन की ओर से रोजाना 50-60 ट्रैक्टर-ट्रॉलियां बजरी से भरी आती हैं।
पिछले दिनों हादसा होने के बाद भी बजरी का अवैध खनन चल रहा है। ट्रैक्टर चालक इतनी तेज गति से निकलते हैं कि सड़कें खुद गई हैं। प्रशासन व वन विभाग की अनदेखी के कारण ही यह हादसा हुआ है।
गुरुशरण आकोदिया, सरपंच, किशनपुरा तकिया
थाने में रिपोर्ट दर्ज क्यों नहीं करेंगे। मैं अभी थाने फोन कर रिपोर्ट दर्ज करने के लिए कहता हूं। अवैध बजरी की ट्रैक्टर-ट्रॉलियां पकडऩे के लिए पुलिस भी कार्रवाई करती है। जिम्मेदार खनन विभाग क्यों नहीं ध्यान देता।
राजेश मील, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, कोटा शहर