खेरूला ग्राम पंचायत के भूनेण गांव से जुड़े वन क्षेत्र में बजरी खनन अवैध रूप से हो रहा है, लेकिन वन विभाग आंखे मूंद बैठा है।
बूढ़ादीत.
खेरूला ग्राम पंचायत के भूनेण गांव से जुडे वन क्षेत्र व प्रतिबंधित क्षेत्रों में खनन पर रोक के बावजूद बजरी खनन धड़ल्ले से चल रहा है लेकिन वन विभाग आंखे मंूदे बैठा हुआ है। क्षेत्र में छोटे बडे एक दर्जन से अधिक रेत माफिया सक्रिय हैं। इन्हें न तो वन विभाग का भय है न खनन विभाग का। रात के अंधेरे में प्रतिदिन अवैध रूप से धरती का पेट चीर कर खनन किया जा रहा है।
भूनेण वन क्षेत्र में खनन माफियाओं के हौंसले इतने बुलन्द हैं कि वन क्षेत्र के बीच में खनन स्थल तक पंहुचने के लिए कई पेड़ों को मशीन से उखाडक़र एक किलोमीटर दूर तक लंबा रास्ता बना दिया। अवैध खनन से ग्रामीणों में रोष है लेकिन वे माफिया के भय से कोई विरोध नहीं कर पा रहे। अवैध खनन पर प्रशासनिक कार्रवाई नहीं होने से इनके हौंसले बुलंद हैं। खनन माफिया ने मुख्य रास्तों में अपने आदमी तैनात किए हुए हैं। किसी सरकारी गाड़ी या अन्य संदेह होने की स्थिति में ये श्रमिकों व ट्रैक्टर चालकों को ये तुरंत सूचना दे देते हैं।
मुंह मांगे दाम
हाइकोर्ट की रोके के आदेश के बाद भी निर्माण कार्यो में रेत की आवश्यकता के चलते अवैध रूप से कार्य कर रहे लोग पकड़े जाने का खतरा बता कर लोगों से बजरी के मुंह मांगे दाम वसूल रहे हैं।
मिली है जानकारी
रेन्जर सुल्तानपुर रेन्ज रघुवीर मीणा का कहना है कि दो दिन पहले ही सुल्तानपुर रेन्ज में लगा हूं। वन क्षेत्र में अवैध खनन की जानकारी मिली है जिसकी जांच करवायी जा रही है। यदि अवैध खनन जैसा मामला है तो शीघ्र ही कार्रवाई की जाएगी।
बजरी संकट के विरोध में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने किया प्रदर्शन
कोटा. बजरी संकट के विरोध में शनिवार को कांग्रेस कार्यकर्ता व निर्माण श्रमिकों ने बोरखेड़ा में प्रदर्शन कर विरोध जताया। कांग्रेस पदाधिकारियों ने कहा कि राज्य सरकार की उदासीनता के चलते बजरी खनन से रोक नही हट पा रही है। इसके चलते श्रमिकों को रोजगार नहीं मिल पा रहा। घर-खर्च चलाने में काफी परेशानी हो रही है। इस दौरान कांग्रेस के कुन्दन चीता, विपिन बरथुनिया, बीटा स्वामी, अर्जुन कुशवाह, मोबिना खान, पूर्व वार्ड पार्षद प्रेम कुशवाह सहित कई लोग मौजूद रहे।