कोटा के दशहरा मेले में बड़े-बड़े झूले देखकर दिल बैठ रहा हो तो खौफ बाहर निकालकर खूब झूलिए, क्योंकि टिकट के साथ आपको इंश्योरेंस भी मिलेगा।
कोटा दशहरे में लगने वाले बडे़-बड़े झूले देखकर ही लोग चकरा जाते हैं। झूले में बैठने से लेकर उतरने तक सांसें अटकी रहती हैं। मन में डर बना रहता है कि कहीं कोई हादसा न हो जाए, लेकिन अब डरने की जरूरत नहीं है। लोग टेंशन फ्री होकर झूले का आनंद ले सकें, इसके लिए झूला मालिकों द्वारा निर्धारित समय के लिए पब्लिक लाइबिलिटी इंश्योरेंस कराया जाता है। इसके तहत झूलते समय कोई हादसा हो जाए तो बीमा कम्पनी द्वारा पीडि़त व्यक्ति या उसके परिजनों को क्लेम दिया जाता है।
आपसे नहीं वसूला जाएगा प्रीमियम का पैसा
मुम्बई से हर साल झूला लगाने वाले इमरान कुरैशी ने बताया कि दशहरे में करीब दो दर्जन झूले चकरी, ब्रेक डांस, ड्रेगन लगते हैं। झूला मालिक प्रत्येक प्रोडक्ट का किसी भी प्राइवेट या सरकारी बीमा कम्पनी से पब्लिक लाइबिलिटी इंश्योरेंस कराता है। यह इंश्योरेंस कराने के बाद ही मेला आयोजन समिति झूला मालिक को जगह आवंटित करती है। झूला मालिक द्वारा इंश्योरेंस की प्रीमियम राशि ग्राहक के टिकट में शामिल नहीं की जाती। उसे झूला मालिक स्वयं ही वहन करता है।
बिखरी राजस्थानी लोक गीतों की छटा
कोटा दशहरा मेले में अम्बेडकर भवन के पास किसान रंगमंच पर सोमवार से सांस्कृतिक कार्यक्रमों की धूम शुरू हो गई। राजस्थानी डांस ग्रुप के कलाकारों ने मनमोहक प्रस्तुतियां दी। कलाकारों ने कान्हा कांकडिया मत मार मटकी फूट जावेली भजन पर सिर पर मटकी रख नृत्य की प्रस्तुति दी तो दर्शक दीर्घा में बैठे लोग झूमने लगे। नाक से शहनाई वादन कर दर्शकों को अभिभूत कर दिया।
आज के कार्यक्रम
मूंछ प्रतियोगिता:- शाम 7.30 बजे : विजयश्री रंगमंच
प्रदर्शनी उद्घाटन :- रात 8 बजे : प्रदर्शनी स्थल
सिंधी कार्यक्रम :- रात 8.30 बजे : विजयश्री रंगमंच