कोटा

ग्रीन एनर्जी, स्किल्ड यूनिवर्सिटी, अरबन टेक्नो पार्क में होगा निवेश, उद्योगों में 50 हजार से अधिक रोजगार सृजन होगा

राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट से पहले ही निवेशकों का रुझान राजस्थान की ओर बढ़ रहा है। प्रदेश में निवेशकों की पहली प्राथमिकता भिवाड़ी है। निवेश की दृष्टि से बूंदी और कोटा भी प्रदेश में प्रमुख जिलों में उभर कर सामने आए हैं। यहां औद्योगिक निवेश के लिए अनुकूल माहौल है। पानी-बिजली की पर्याप्त उपलब्धता है।

less than 1 minute read
Oct 01, 2024
राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट से पहले ही निवेशकों का रुझान राजस्थान की ओर बढ़ रहा है। प्रदेश में निवेशकों की पहली प्राथमिकता भिवाड़ी है। निवेश की दृष्टि से बूंदी और कोटा भी प्रदेश में प्रमुख जिलों में उभर कर सामने आए हैं। यहां औद्योगिक निवेश के लिए अनुकूल माहौल है। पानी-बिजली की पर्याप्त उपलब्धता है।

राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट से पहले ही निवेशकों का रुझान राजस्थान की ओर बढ़ रहा है। प्रदेश में निवेशकों की पहली प्राथमिकता भिवाड़ी है। निवेश की दृष्टि से बूंदी और कोटा भी प्रदेश में प्रमुख जिलों में उभर कर सामने आए हैं। यहां औद्योगिक निवेश के लिए अनुकूल माहौल है। पानी-बिजली की पर्याप्त उपलब्धता है।

बूंदी दूसरे नम्बर तथा कोटा छठे नम्बर पर

जिला उद्योग केन्द्र और रीको की ओर से निवेशकों से एमओयू किए जा रहे हैं। अब तक 29196 करोड़़ के निवेश के नए प्रस्ताव भिवाड़ी के मिले हैं। निवेश के प्रस्तावों में बूंदी दूसरे नम्बर तथा कोटा छठे नम्बर पर है। जबकि औद्योगिक इकाइयों के हिसाब से अजमेर पहले नम्बर पर है। वहां 140 उद्योग लगाने के प्रस्ताव मिले हैं। प्रदेश में अब तक हुए एमओयू के अनुसार, जो औद्योगिक इकाइयां लगेंगी, उनमें करीब पचास हजार लोगों को प्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिल सकेगा।

कोटा में 1103 करोड़ के एमओयू

उद्योग विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, कोटा में अब तक 52 नए उद्योग लगाने के निवेशकों के साथ एमओयू हो चुके हैं। 1103 करोड़ से अधिक के निवेश के प्रस्ताव मिले हैं। इससे में 5176 लोगों का रोजगार सृजन होगा। कोटा में निवेशकों ने ग्रीन एनर्जी, स्टार्ट अप, एग्रो प्रोसेसिंग, फार्मा केमिकल, फूड प्रोसेसिंग, ऑयल प्रोसेसिंग यूनिट, िस्क्ल्ड डवपलमेंट यूनिवर्सिटी, अरबन टेक्नो पार्क, स्टोन, मेडिकल क्षेत्र में निवेश करने की रुचि दिखाई है। इसके अलावा 2200 करोड़ से अधिक का एक बड़े औद्योगिक समूह का प्रस्ताव सीधे सरकार को प्राप्त हुआ है। जिसका एमओयू प्रक्रियाधीन है। एक मल्टीनेशन शीतल पेय कम्पनी ने कोटा में 1100 करोड़ के निवेश की मंशा जाहिर की थी। शीतल पेय कम्पनी को पानी की अधिक जरूरत थी। कोटा जिला भूमिगत जल के मामले में डार्क जोन में है, इस कारण कम्पनी बूंदी में निवेश की तैयारी कर ली है।

Published on:
01 Oct 2024 12:38 pm
Also Read
View All

अगली खबर