
कोटा. पुलिस महानिरीक्षक कोटा रेंज बिपिन कुमार पाण्डेय ने जब्त स्मैक की मात्रा रिकार्ड में कम दर्शाने व अन्य बरामद वस्तुओं को नहीं दर्शाने व लगातार फरार रहने के मामले में घाटोली के तत्कालीन थानाधिकारी को बुधवार को पुलिस सेवा से बर्खास्त कर दिया।
आईजी कोंटा रेंज बिपिन कुमार पाण्डेय ने बताया कि झालावाड़ जिले के घाटौली थाने में पदस्थापित तत्कालीन थानाधिकारी संजय कुमार चंदेल (उप निरीक्षक) ने 21 अक्टूबर 2018 को आरोपी घाटोली निवासी रामप्रताप लोधा के कब्जे से 2 किलो 400 ग्राम अवैध स्मैक व अवैध अफीम करीब 400 ग्राम जप्त की। जिसमें आरोपी के विरुद्ध एनडीपीएस एक्ट की धारा 8/21 के तहत अभियोग संख्या 179/18 पंजीबद्ध किया।
मामले का अनुसंधान एडिशनल एसपी व तत्कालीन खानपुर पुलिस उप अधीक्षक विमल सिंह द्वारा किया गया। उन्होंने अनुसंधान में पाया कि अभियुक्त रामप्रताप के कब्जे से बड़ी मात्रा में स्मैक लगभग 5 किग्रा व एक किलो चांदी की सिल्ली, व पचास हजार से अधिक रुपए संजय चंदेल ने हमराह जाप्ता कांस्टेबल चांद सिंह, रामप्रसाद, द्वारा अपने कब्जे में ली गई थी।
किन्तु थाना घाटौली पर प्रकरण पंजीबद्ध करते समय जप्ती में मात्र 2.400 किलोग्राम अवैध स्मैक को ही अभियुक्त रामप्रताप के कब्जे से दर्शाया गया। अनुसंधान में प्रथम दृष्टया संजय चंदेल, चांद सिंह, रामप्रसाद की घटना में संलिप्तता पाए जाने पर पुलिस अधीक्षक झालावाड़ द्वारा उक्त तीनों को निलम्बित किया गया। प्रकरण में 31 अक्टूबर 2018 को रामप्रसाद को गिरफ्तार किया गया, जबकि शेष दो पुलिसकर्मी संजय चंदेल व कांस्टेबल चांद सिंह गिरफ्तारी से बचने के लिए फरार हो गए।
इस मामले का अनुसंधान पूरा होने पर 9 जनों रामप्रताप, विमल प्रकाश, बबल मुसलमान उर्फ गुरफान मोहम्मद व कुलदीप उर्फ ऋषिराज, बापूलाल, देवीलाल, गिर्राज, संजय कुमार चंदेल, चांद सिंह के विरूद्ध अपराध धारा 8/18, 8/21, 8/29, 59 एनडीपीएस एक्ट व धारा 217, 218 भादंसं का घटित होना प्रथम दृष्टया प्रमाणित पायागया।
कानून की पालना कराने वाले कर्मचारी के लिए अक्षम्य अपराध - आईजी
इस मामले में आईजी ने टिप्पणी करते हुए कहा कि संजय कुमार चन्देल द्वारा थानाधिकारी जैसे महत्वपूर्ण पद पर पदस्थापित रहकर अवैध मादक पदार्थों की जप्ती में अपने निजी स्वार्थ पूर्ति के लिए निहित विधिक शक्तियों का दुरूपयोगकरके नियमों का जानबूझकर विधि विरूद्ध कृत्य कर आपराधिक तत्वों व तस्करों को बचाने का प्रयासकिया है।
अभियोग में स्वयं गिरफ्तारी से बचने के लिए फरार होकर अपने मुख्यालय से भी स्वेच्छा से लगातार अनुपस्थित चल रहा है। अपचारी द्वारा जो गलत दुराचरण किया गया है वह न केवल समाज के विरुद्ध अपराध है,बल्कि पुलिस जैसे अनुशासित एवं कानून की पालना कराने वाले विभाग के कर्मचारी के लिए अक्षम्य है।
न्यायालय से जारी वारन्ट की पालना भी नहीं कर रहा है और फरार है। ऐसे में संजय कुमार चन्देल के विरुद्ध गम्भीर प्रकृति के आरोप होने व लगातार फरार होने, मुख्यालय पर उपस्थित नहीं होने के कारण बिना जांच कराए राजस्थान असैनिक सेवाएं (वर्गीकरण, नियंत्रण और पुनरावेदन) नियम, 1958 के नियम (2) के तहत तत्काल प्रभाव से राज्य सेवा से बर्खास्त किया गया है।