आईआईटी संस्थानों में पिछले वर्ष मात्र 112 विदेशी विद्यार्थियों ने जेईई एडवांस्ड 2023 के लिए रजिस्ट्रेशन किया था। इनमें से 13 विद्यार्थी ही जेईई एडवांस्ड क्वालीफाई कर पाए और सिर्फ 4 विद्यार्थी प्रवेश पाने में सफल रहे।
आईआईटी संस्थानों के बीटेक, इंटीग्रेटेड एमटेक एवं डुएल डिग्री पाठ्यक्रमों में प्रवेश को लेकर विदेशी विद्यार्थियों की संख्या के आंकड़े उत्साहवर्धक नहीं है। पिछले वर्ष मात्र 112 विदेशी विद्यार्थियों ने जेईई एडवांस्ड 2023 के लिए रजिस्ट्रेशन किया था। इनमें से 108 विद्यार्थी ही पेपर-1 एवं पेपर-2 दोनों में सम्मिलित हुए। 13 विद्यार्थी ही जेईई एडवांस्ड क्वालीफाई कर पाए और सिर्फ 4 विद्यार्थी आईआईटी संस्थानों में प्रवेश पाने में सफल रहे।
एजुकेशन एक्सपर्ट देव शर्मा ने बताया कि यह स्थिति तो तब है जब विदेशी विद्यार्थियों को जेईई मेन की मेरिट सूची के आधार पर जेईई एडवांस्ड के लिए क्वालीफाई करने की बाध्यता से मुक्त रखा गया है। विदेशी विद्यार्थी जेईई एडवांस्ड के लिए रजिस्ट्रेशन कर सीधे ही इस परीक्षा में सम्मिलित हो सकते हैं। विदेशी विद्यार्थियों की कम संख्या आईआईटी संस्थाओं की अंतरराष्ट्रीय रैंकिंग को भी प्रभावित करती है। यदि पिछले 5 वर्षों में जेईई एडवांस्ड क्वालिफाइ करने के आंकड़े देखे तो अब तक 76 विद्यार्थियों को आईआईटी संस्थानों में प्रवेश मिला है।
विदेशी विद्यार्थियों के पिछले 5 वर्षों के आंकड़े
क्वालिफाइड विदेशी विद्यार्थियों की संख्या : 145
आईआईटी में प्रवेश विदेशी विद्यार्थियों की संख्या : 66