कोटा

ससुर ने कराई रिपोर्ट तो उपप्रधान ने थाने में किया फोन, बोली- मेरा अपहरण नहीं हुआ, पति के साथ उदयपुर घूम रही हूं

झालावाड जि‍ले के अकलेरा की उपप्रधान रेशमबाई भील ने सोमवार को थाने में फोन कर बताया कि मेरा अपहरण नहीं हुआ, मैं तो पति बाबूलाल भील के साथ उदयपुर घूम रही हूं।
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Jan 07, 2019
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सुनेल. थाने में अकलेरा की उपप्रधान रेशमबाई भील ठाकुर ने सोमवार को फोन पर बयान दर्ज कराया कि मेरा किसी ने भी अपहरण नहीं किया है। मैं तो पति बाबूलाल भील के साथ उदयपुर घूमने आई हूं। थानाधिकारी जितेन्द्र सिंह शेखावत ने बताया कि चछलाव गंाव निवासी प्रधान के ससुर रामलाल भील ने 4 जनवरी को दर्ज कराई रिपोर्ट में बताया कि मेरी पुत्रवधु अकलेरा उपप्रधान रेशमबाई भील 2 जनवरी को पंचायत समिति अकलेरा में बैठक में गई थी जिसके बाद से नहीं लौटी है। उसका अज्ञात जनों ने अपहरण कर लिया है। पुलिस ने अपहरण में मामला दर्ज कर जंाच शुरू कर दी। अपहरण की खबर मिलने पर उपप्रधान ने थाने फोन कर बयान दर्ज करवाया।

उपप्रधान के खिलाफ भी अविश्वास प्रस्ताव
अकलेरा प्रधान के बाद सोमवार को उपप्रधान के खिलाफ भी अविश्वास प्रस्ताव आ गया। अकलेरा पंचायत समिति के आठ सदस्यों ने सोमवार को जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी को अविश्वास प्रस्ताव सौंपा।

दो बार पहले भी दे चुके प्रस्ताव
अकलेरा प्रधान के खिलाफ दो बार पहले भी अविश्वास दिया जा चुका है लेकिन भाजपा पदाधिकारियों के समझाने के बाद पंचायत समिति सदस्य मान गए थे। वहीं उस दौरान जिला परिषद के सीईओ अवकाश पर होने से प्रस्ताव नहीं दे पाए थे। लेकिन इस बार एसीईओ सावन कुमार चायल मौके पर होने से सभी सदस्यों ने चायल को अविश्वास प्रस्ताव सौंप दिया है। इसके बाद कार्रवाई शुरू कर दी गई है। अकलेरा पंचायत समिति में भाजपा के 18 व कांग्रेस के 4 तथा निर्दलीय एक सदस्य हैं।


अश्विास प्रस्ताव देने वालों में ये थे शामिल
प्रमिला बाई, गुंजन, करणसिंह, मनोहरलाल, रतनबाई, कली बाई,मोहन लाल, दुर्गाबाई, कैलाश चन्द, दुलीचन्द, मंजू कुमारी, राम निवास, सुमित्रा, मेघरज, मदनलाल, मांगीलाल, बीरमचन्द उर्फ बीरमसिंह, कृष्णाबाई, सुशीला कुमारी लोधा सहित 23 सदस्यों में 19 सदस्य मौजूद रहे।

Published on:
07 Jan 2019 10:26 pm