केन्द्रीय कारागार में इधर बंदी झगड़े, उधर कर्मचारियों ने किया खाने का बहिष्कार

केन्द्रीय कारागार कोटा में बंद विचाराधीन बंदियों के दो गुटों में गुरुवार को जमकर मारपीट हुई। पेशी पर ले जाते समय बंदी पहले जेल में झगड़े और फिर अदालत के बैरक में। उधर वेतन विसंगतियों को दूर करने की मांग को लेकर जेल कर्मचारियों ने गुरुवार को मैस व घर के खाने का अनिश्चितकालीन बहिष्कार कर दिया।
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Jul 07, 2017
Kota Central Jail Issues
Kota Central Jail Issues

केन्द्रीय कारागार में बंद विचाराधीन बंदियों के दो गुटों में गुरुवार को जमकर मारपीट हुई। पेशी पर ले जाते समय बंदी पहले जेल में झगड़े और फिर अदालत के बैरक में। वही एक बंदी ने चालानी गार्डों पर मारपीट का आरोप लगाते हुए उसका मेडिकल करवाने का अदालत में प्रार्थना पत्र पेश किया।

जेल सूत्रों के अनुसार, मोहम्मद मिजान, गोलू उर्फ आफिक और कालू भाया उर्फ मुराद अली, रवि रावल व निखिल उर्फ भवानी के खिलाफ कई मामले अदालत में विचाराधीन हैं। एक गुट में मिजान व गोलू और दूसरे में कालू भाया व अन्य आरोपित हैं।


कालू, निखिल, रवि और गोलू की अलग अलग अदालतों में पेशी थी। गुरुवार दोपहर इन्हें जेल से अदालत में पेशी पर ले जाया जा रहा था। इसी दौरान पुरानी रंजिश को लेकर दोनों गुटों के बंदी आपस में झगड़ गए। उनमें जमकर मारपीट हुई। मौके पर मौजूद चालानी गार्डों ने जैसे-तैसे उन्हें अलग किया। इसके बाद मिजान को छोड़ शेष चारों को गाड़ी से अदालत लेकर गए। यहां उन्हें बैरक में रखा। इस दौरान भी दोनों गुटों के बंदी फिर से झगड़ गए। उनमें जहां भी जमकर मारपीट हुई।


कालू भाया उर्फ मुरादअली ने एसीजेएम क्रम 7 अदालत में प्रार्थना पत्र पेश कर चालान गार्डों व स्टाफ पर मारपीट का आरोप लगाया है। प्रार्थना पत्र में कहा कि पेश पर लाते समय चालानी गार्डों से उससे मारपीट की। जिससे उसकी पीठ, हाथ व पैर में चोट है।

मजिस्ट्रेट ने प्रार्थना पत्र स्वीकार करते हुए पुलिस को उसका मेडिकल कराने के आदेश दिए। जेल अधीक्षक सुधीर प्रकाश पूनिया ने बताया कि दोनों गुटों में पुरानी रंजिश है। पेशी पर ले जाते समय ये जेल के बाहर झगड़ गए थे। किसी भी चालानी गार्ड ने इनसे मारपीट नहीं की। आपसी झगड़े में ही इनके चोट लगी है।


जेल कर्मचारियों ने किया मैस व खाने का बहिष्कार

वेतन विसंगतियां दूर करने की मांग

वेतन विसंगतियों को दूर करने की मांग को लेकर जेल कर्मचारियों ने गुरुवार को मैस व घर के खाने का अनिश्चितकालीन बहिष्कार कर दिया।

जेल कर्मचारियों ने बताया कि 5 व छठे वेतन आयोग में काफी विसंगतियां हैं। राजस्थान पुलिस के कर्मचारियों की तुलना में उनकी पे ग्रेड काफी कम है। इससे अन्य भत्ते भी कम मिलते हैं।


वेतन विसंगतियों को दूर करने की मांग को लेकर कर्मचारियों ने पूर्व में एक दिन के लिए मैस व घर के खाने का बहिष्कार किया था। इसके बाद से कर्मचारी बांह पर काली पट्टी बांधकर काम कर रहे थे। मांग पूरी नहीं होने पर कर्मचारियों ने अब मैस व घर के खाने का अनिश्चितकालीन बहिष्कार कर दिया। कर्मचारी दिनभर भूखे जेल के बाहर धरने पर बैठे रहे। जब तक मांग परी नहीं हो जाती धरना जारी रहेगा।

Published on:
07 Jul 2017 09:32 am