
कोटा. पुलिस और शिक्षा विभाग मिलकर स्टूडेंट पुलिस कैडेट्स तैयार करेगा। जिसमें आठवीं और नौंवी कक्षा में पढऩे वाले छात्र-छात्राओं को शारीरिक और मानसिक रूप से मजबूत करने के साथ ही कानूनी बारीकियां के बारे में भी बताया जाएगा। दो साल के कठिन प्रशिक्षण के बाद तैयार होने वाले स्टूडेंट पुलिस कैडेट्स को महकमे में खास तवज्जो के साथ प्रमाण पत्र भी मिलेगा।
अपराध की दुनिया में तेजी से बढ़ते किशोरों के दखल ने पुलिस ही नहीं सरकार की भी नींद उड़ा दी है। बिगड़ते हालातों से निपटने के लिए सरकार को बकायदा रोडमैप तैयार करना पड़ा है। जिसके जरिए किशोरों को न सिर्फ अपराध से बचाने बल्कि अपराधियों से लडऩे के लिए तैयार किया जाएगा। इसके लिए नेशनल कैडिट कोर (एनसीसी) की तर्ज पर बकायदा एक कैडर तैयार किया जाएगा जिसे स्टूडेंट पुलिस कैडेट्स (एसपीसी) नाम दिया है। जिसे इसी शैक्षणिक सत्र से प्रदेश भर के माध्यमिक विद्यालयों में लागू किया जा रहा है।
खास स्टूडेंट बनेंगे एसपीसी
स्टूडेंट पुलिस कैडेट्स तैयार करने के लिए पूरे प्रदेश के 930 स्कूलों से आठवीं कक्षा में पढऩे वाले 42, 872 छात्र-छात्राओं का चुनाव किया जाएगा। कोटा जिले के 52 सहित संभाग के 130 स्कूलों से करीब 3,900 बच्चे एसपीसी के लिए चुने जाएंगे। एसपीसी के नोडल प्रभारी और अतिरिक्त जिला शिक्षा अधिकारी राजेश चंदेल ने बताया कि जिन स्कूलों में छात्रों की नियमित उपस्थिति 30 से ज्यादा होगी उन्हें योजना के पहले चरण में शामिल किया जाएगा। एक थाना क्षेत्र में अधिकतम दो स्कूलों का चयन किया है। बच्चों का चुनाव उनकी मानसिक दृढ़ता और शारीरिक दक्षता के आधार पर होगा। जिन्हें पुलिस, विधि और शिक्षा विभाग के प्रशिक्षक प्रशिक्षण देंगे।
निखरेगी ओवरऑल पर्सनेलिटी
चंदेल ने बताया कि अपराध और अपराधियों के खिलाफ लड़ाई के लिए मानसिक और शारीरिक रूप से मजबूत इन स्टूडेंट को दो साल तक प्रशिक्षण दिया जाएगा। चुने हुए कैडेट्स को पुलिस विभाग के प्रशिक्षक हर बुधवार और शनिवार को ड्रिल कराएंगे। साथ ही अपराध की बारीकियां और उनसे निपटने के तरीके सिखाएंगे। बाकी के पांच दिन कानून, पुलिस की कार्यप्रणाली और अपराधियों से निपटने के हाईटेक तरीकों का प्रशिक्षण दिया जाएगा।
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16 को संभागीय प्रशिक्षण
योजना को क्रियान्वित करने के लिए पुलिस एकेडमी जयपुर में 4 जुलाई को सभी जिलों के शिक्षाधिकारियों को एक दिवसीय विशेष प्रशिक्षण दिया था। इसमें पुलिस, कानून और न्याय व्यवस्था से जुड़े अधिकारी भी मौजूद रहे। अब कोटा में 16 जुलाई को संभाग स्तरीय प्रशिक्षण का आयोजन किया गया है। जहां चयनित विद्यालयों के प्राचार्यों एवं शारीरिक शिक्षकों को योजना की बारीकियां समझाई जाएंगी।