
कोटा. कोटा के रायपुरा क्षेत्र से किराएदार दम्पती समेत चार जनों द्वारा मकान व जेवर हड़पने की नीयत की मकान मालिक बुजुर्ग दम्पत्ति का अपहरण कर हत्या के मामले में 15 माह बाद भी पुलिस मृतकों के शव बरामद नहीं कर सकी है। अपने माता-पिता का अंतिम संस्कार करने के लिए उनका सैनिक बेटा संतरी से लेकर मंत्री तक गुहार लगा चुका है।
Read More: आखिर नारी शक्ति के आगे झुकी सरकार, हटाई देशी शराब की दुकान, अब अंग्रेजी के लिए संघर्ष जारी
नायब सूबेदार विजय कुमार ने बताया कि रायपुरा स्थित निधि विहार कॉलोनी में उनका मकान था जहां उनके परिजन हजारीलाल बडग़ुर्जर व कैलाशी बाई रहते थे। 8 जनवरी 2018 को उनके ही मकान में किराए से रहने वाले दम्पती ने अन्य दो जनों के साथ मिलकर मकान व जेवर हड़पने की नीयत से उसके माता-पिता की हत्या कर दी।
इस संबंध में 26 जनवरी 2018 को लाखेरी थाने में दम्पती की गुमशुदगी का मामला दर्ज हुआ और जांच में अपहरण कर हत्या का निकला। इस पर पुलिस ने मोबाइल लोकेशन के आधार पर 6 फरवरी 2018 को मुख्य आरोपी घनश्याम मीणा, उसकी पत्नी राजकुमारी, मुखराम व अंगद को गिरफ्तार कर लिया। फिलहाल चारों आरोपी जेल में है। विजय कुमार का कहना है कि आरोपियों ने उनके शव क्षत-विक्षत कर दिए, जिनका 15 माह बाद पुलिस सुराग नहीं लगा सकी।
शवों को बरामद करने में पुलिस नाकाम
पुलिस ने दम्पती के खून के नमूने, डीएन टेस्ट से लेकर आरोपियों का नार्को टेस्ट तक करवाया, लेकिन शवों का सुराग नहीं लगा पाई। आरोपियों की निशानदेही पर भी पुलिस नाकाम रही। हालांकि पुलिस ने मृतक दंपत्ति के कपड़े व जेवर की बरामदगी कर ली।
Read More:तकनीकी शिक्षा मंत्री का पीएम पर तीखा हमला, बोले- नेहरू से बड़ा दिखना चाहते हैं मोदी जो नकल से मुमकिन नहीं
नहीं कर पाए अंतिम संस्कार
नायब सूबेदार विजय कुमार ने बताया कि बीते 15 महीनों में पुलिस के आला अधिकारियों से लेकर राजनेताओं तक के सामने फरियाद लगा चुके हैं, लेकिन उनके माता-पिता के शव नहीं मिले। पुलिस उसके परिजनों के शवों को लेकर कुछ भी स्पष्ट नहीं कर रही है। उसकी व परिवार के अन्य सदस्यों की अपने माता-पिता के अंतिम दर्शन और संस्कार की इच्छा अब भी मन में ही है।
सभी आरोपी पुलिस गिरफ्त में
बुजुर्ग दम्पती के अपहरण के बाद हत्या के मामले में सभी आरोपी गिरफ्तार कर लिए हैं। वहीं आरोपियों की निशानदेही पर जेवर भी बरामद किए जा चुके है। दम्पत्ति के शवों की तलाश की जा रही है। मामला न्यायालय में विचाराधीन है।
ओमप्रकाश चंदोलिया, पुलिस उप अधीक्षक, लाखेरी