कहीं पाइप लाइन डालने के लिए गली-मोहल्ले खोदकर पटक दिए गए, तो कहीं केबल बिछाने व नालियां बनाने का कार्य चल रहा है। पूरा शहर खुदा पड़ा है।
कोटा . कहीं पाइप लाइन डालने के लिए गली-मोहल्ले खोदकर पटक दिए गए, तो कहीं केबल बिछाने व नालियां बनाने का कार्य चल रहा है। पूरा शहर खुदा पड़ा है, लोग परेशान हैं लेकिन सुनने वाला कोई नहीं। चुनावी साल होने के चलते जनप्रतिनिधियों के इशारों पर कार्यें में तेजी के नाम पर ठेकेदार फर्मों ने एक साथ कई जगह खुदाई कर दी है।
कई जगह तो एक महीने से भी अधिक समय से मुख्य सड़कें व कॉलोनियों की गलियां खुदी पड़ी हैं और काम अब तक शुरू नहीं हुआ। कई जगह निर्माण कार्य भी पूरा कर लिया गया, लेकिन आसपास फैले मलबे को नहीं उठाया गया। कहीं केबल या पानी की पाइप लाइन डालने के लिए खोदी गई जगह को भरा नहीं गया। हालत यह कि दुपहिया वाहन चालक गिर रहे हैं। बच्चों व बुजुर्गों को घूमने में तकलीफ हो रही, लेकिन कोई सुनने वाला नहीं। कहां कैसे हैं हाल, पेश है 'पत्रिका की पड़ताल।