18 देश के बेहतरीन गणितज्ञों को हराकर कोटा, बारां और शिवपुरी के इन 12 बच्चों ने साबित कर दिया कि यह दुनिया के सबसे बेहतरीन कैलकुलेटर हैं।
अपनी मेहनत के बल पर सबसे कम समय में गणित के सवालों को हल करके न लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्डस में राष्ट्रीय कीर्तिमान स्थापित किया बल्कि अन्तर्राष्ट्रीय प्रतियोगिता के लिए क्वालिफाई कर जर्मनी के बिलफेल्ड शहर में 29 सितंबर से 2 अक्टूबर के बीच आयोजित जूनियर मेन्टल कैलकुलेशन वर्ल्ड चैंपियनशिप में भाग लेकर 2 भिन्न आयु वर्ग में रजत पदक प्राप्त किया। भारतीय दल के 12 विद्यार्थियों के दल में कोटा के 7, बारां से 2 व शिवपुरी से 3 विद्यार्थी शामिल है। कोटा से कृष्णा रोहिरा, स्पर्श मंगल, हेतांश खंडेलवाल ,आर्यन गुप्ता, युवाश्री राजन, मीशा अग्रवाल व प्रध्युमन सिंह। बांरा से हेतांश खंडेलवाल व अनुष्का सोनी। शिवपुरी से श्रुति वर्मा संगम गुप्ता व मोहक अग्रवाल ने प्रतियोगिता में भाग लिया।
पहले जीत चुके हैं स्वर्ण पदक
अकादमिक निदेशक राहुल मिश्रा ने बताया कि संस्था के विद्यार्थियों ने पिछले वर्ष भी इस प्रतियोगिता में शामिल होकर स्वर्ण पदक अपने नाम कर कोटा का नाम भारत व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रोशन किया था।भारतीय दल ने इस वर्ष भी 2 सिल्वर ट्रॉफी जीतकर लगातार दूसरे साल भारत का नाम रोशन किया। तथा भारतीय गणित विषय के गौरव को विश्व मंच पर प्रतिस्थापित किया। 12 विद्यार्थियों सहित कुल 18 सदस्यों के भारतीय दल में सहायक कोच सुनील गर्ग, सहायक कोच सन्दीप कुमार, डायरेक्टर चेतना मिश्रा व कोऑर्डिनेटर ममता विश्वास रही।
इन्होने जीते पदक
26 सितंबर को यह बच्चे प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए कोटा से जर्मनी के लिए रवाना हुए थे। उस समय ही उम्मीद जताई जा रही थी इस बार भी भारत के यह नन्हे मुन्ने गणितज्ञ दुनिया भर में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाकर आएंगे और हुआ भी वैसा ही। अंडर 11 वर्ष आयुवर्ग की जूनियर-1 केटेगरी में 9 साल के आर्यन गुप्ता जो सेंट जोसफ स्कूल में कक्षा 5 के विद्यार्थी है व 11 से 14 वर्ष आयुवर्ग की जूनियर -3 केटेगरी में 12 वर्ष के स्पर्श मंगल जो दिशा डेल्फी स्कूल में 8 वीं कक्षा विद्यार्थी है।