
कोटा. बाइकर्स द्वारा अजीबोगरीब साउण्ड के साइलेंसर लगाने से आम आदमी की शान्ति भंग होती है। सार्वजनिक मार्ग पर अचानक साइलेंसर की अजीब आवाज से आमजन में भय का वातावरण बनता है। ऐसे साइलेंसर लगाने के साथ-साथ बाइकर्स स्टंट भी दिखाते हैं। बाइकर्स अपनी बाइक में साइलेंसर को जानबूझकर इस तरह करवा लेते हैं कि इसकी आवाज से राह चलते अन्य व्यक्ति को परेशानी होती है। इसलिए राजस्थान पुलिस अधिनियम 2007 की धारा 80 के तहत भी ऐसे बाइकर्स के विरुद्ध पुलिस कार्यवाही करने के लिए सक्षम है। इस धारा के तहत दोष सिद्धि पर अभियुक्त को आठ दिन तक कारावास या पचास रुपए तक जुर्माने से दण्डित किया जा सकेगा। इस धारा के तहत पुलिस बगैर वारंट के अभियुक्त को गिरफ्तार कर सकती है।
इसके अलावा बाइक पर स्टंट करना भी मोटर व्हीकल एक्ट एवं भारतीय दण्ड संहिता के तहत दण्डनीय अपराध है। बाइक पर स्टंट करना खतरनाक रीति से वाहन चलाने के समान है। साथ ही अत्यधिक तेज गति से वाहन चलाना भी मोटर व्हीकल एक्ट में दण्डनीय अपराध है। मोटर व्हीकल एक्ट की धारा 184 के अनुसार प्रथम दफा अपराध कारित करने पर एक हजार रुपए का जुर्माना एवं दोहराने पर दो हजार जुर्माने का प्रावधान है। इसके अलावा धारा 183 के तहत प्रथम दफा पर चार सौ रुपए एवं अपराध दोहराने पर एक हजार रुपए का जुर्माना किया जा सकता है। क्योंकि मोटर साइकिल पर स्टंट दिखाने से किसी व्यक्ति की जान का जोखिम रहता है और गति भी अनियंत्रित रहती है इसलिए इन दोनों धाराओं के साथ भारतीय दण्ड संहिता की धारा 279 के तहत भी यह कृत्य दण्डनीय अपराध है। इसके तहत छह माह तक का कारावास या जुर्माना जो कि एक हजार रुपए तक हो सकता है या दोनों से दण्डित किया जा सकता है।