
कोटा . कोटड़ी स्थित निजी बिजली कम्पनी (केईडीएल) के ठेकाकर्मी एवं तकनीकी सहायक (लाइनमैन) व दलाल को एसीबी की टीम ने बुधवार शाम को एक लाख रुपए रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया। तकनीकी सहायक ने रिश्वत राशि फरियादी से दलाल (चाय वाले) को दिलवाई थी। जिसकी पेंट की जेब से एसीबी ने रकम बरामद की। तकनीकी सहायक ने यह रकम फरियादी के हॉस्टल के मीटर में गड़बड़ी बताकर 7 लाख रुपए की वीसीआर भरने की एवज में ली। जबकि मांग 5 लाख रुपए की की थी। एसीबी इस मामले में कम्पनी के उच्चाधिकारियों की भी संदिग्ध भूमिका की जांच कर रही है।
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एसीबी के निरीक्षक विवेक सोनी ने बताया कि रूस्तम अली ने मंगलवार को शिकायत दी कि विज्ञान नगर में उनके हॉस्टल में मंगलवार को निजी बिजली कम्पनी के आधा दर्जन से अधिक कर्मचारी आए। उन्होंने मीटर में गड़बड़ी होना बताकर 7 लाख रुपए की वीसीआर (जुर्माना) भरने की बात कही। जब फरियादी ने कहा कि वह इतनी राशि जमा नहीं करवा सकता तो तकनीकी सहायक विष्णु सेन ने मामला 5 लाख रुपए में निपटाने की बात कही। राशि नहीं देने पर कर्मचारी मीटर खोलकर साथ ले गए।
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शिकायत का सत्यापन करवाया गया तो विष्णु सेन रकम कम करते करते एक लाख रुपए में राजी हो गया। उसने कहा कि रकम देते ही आधा घंटे में मीटर लग जाएगा। उसने रकम लेकर फरियादी को बुधवार शाम 4 बजे बुलाया। जब फरियादी रकम लेकर कोटड़ी स्थित केईडएल के ऑफिस गया तो विष्णु उसे अपने साथ कोटड़ी चौराहे स्थित चाय की दुकान पर लेकर गया। वहां उसने रकम चाय वाले को देने के लिए कहा। दुकानदार ने रकम लेकर पेंट में रखी। इसके बाद वह फरियादी के साथ वापस ऑफिस की तरफ चला गया। बाद में एसीबी ने चाय वाले दुकानदार ठाकुरदास को पकड़ा और तलाशी में पेंट की जेब से रिश्वत की राशि बरामद हुई।
दुकानदार ने यह रकम विष्णु सेन के कहने पर लेना बताया। इस पर एसीबी ने उसे भी गिरफ्तार कर लिया। टीम दोनों को लेकर एसीबी चौकी पहुंचे, जहां देर रात कागजी कार्यवाही की गई। दोनों को गुरुवार को अदालत में पेश किया जाएगा। सोनी ने बताया कि इस मामले में उच्चाधिकारियों की भूमिका की भी जांच की जाएगी। साथ ही कम्पनी से वीसीआर संबंधी रिकॉर्ड मांगा है।