कोटा

घोड़ी सजेगी, बैण्ड बजेगा और बारात भी तैयार रहेगी, फिर क्यों दूल्हे राजा के छूट रहे पसीने…पढि़ए खास खबर

एक तरफ बैण्ड बाजा, बारात तो दूसरी ओर लोकतंत्र का उत्सव। शहर में माह के अंत में विवाह व लोकतंत्र दोनों उत्सवों का रंग चढऩे को तैयार है।
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Apr 17, 2019
Lok Sabha Election 2019
election

कोटा. एक तरफ बैण्ड बाजा, बारात तो दूसरी ओर लोकतंत्र का उत्सव। शहर में माह के अंत में विवाह व लोकतंत्र दोनों उत्सवों का रंग चढऩे को तैयार है। प्रशासन चुनाव की तैयारियों में जुटा है तो परिजन अपने लाडलों की शादियों की तैयारियों में। प्रत्याशी नामांकन कर चुके हैं तो इधर शादियों के कार्ड छप चुके। लेकिन चुनाव व शादी विवाह की तारीखों में टकराव के कारण परिजन व बस मालिक मुश्किल में पड़ते नजर आ रहे हैं। अधिकतर लोगों ने तो महीनों पहले बारात के लिए बसें बुक करवा दी है, वहीं प्रशासन ने लगभग बसों को चुनाव के लिए अधिग्रहित कर लिया है। अब बस मालिकों को पार्टियों को साधने में मुश्किल हो रही है। उनके लिए बसों का जुगाड़ करना मुश्किल हो रहा है। वहीं प्रशासन ने बसों को अधिग्रहित कर लिया है।

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सावों की भरमार
प्रदेश में अप्रेल व 6 मई दो चरणों में चुनाव होंगे। इन्हीं दिनों में सावों की भी भरमार है। ज्योतिषाचार्य लक्ष्मीकांत शुक्ला के अनुसार मलमास पूर्ण होने के साथ ही 15 अप्रेल से शहर में शहनाई गूंज चुकी है। अब मई के मध्य तक विभिन्न सावों की भरमार रहेगी। शुक्ला के अनुसार अप्रेल माह में 15 से 20 तथा 26 से 28 तक सावे रहेंगे, वहीं मई माह में 6, 7, 12,14 तारीख को शादियां हैं। 7 मई को तो अक्षय तृतीया का अबूझ सावा रहेगा।

करीब 50 बसें हैं बुक
बस मालिक संघ के अध्यक्ष सत्यनारायण साहू के अनुसार कोटा जिले में करीब 450 प्राइवेट बसें संचालित की जा रही हैं। इनमें से करीब 50 बसें पहले से ही बारातों के लिए बुक करवाई जा चुकी हैं, वहीं संभाग भर में 750 बसों में से 100 के करीब बसें बारात के लिए बुक हैं। बारातों के लिए पूर्व से ही बुक बसों को प्रशासन चुनाव कार्यक्रम से मुक्त करे। इससे काफी बस ऑपरेटरों व बुकिंग पार्टियों को परेशानी होगी। कई लोग इस बारे में चिंतित हैं।

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पूर्व में दी गई थी छूट
साहू के अनुसार वर्ष 2009 में हुए चुनावों के दौरान भी इसी तरह की स्थिति पैदा हो गई थी, तो प्रशासन ने बस मालिक संघ के लेटरहैड पर बारात के लिए बुक बसों की सूची प्रमाण के साथ मांगकर बसों को चुनाव से मुक्त कर दिया था। प्रशासन इस वर्ष भी इस तरह की व्यवस्था करे।


चुनाव के लिए बस व वाहनों का अधिग्रहण
परिवहन विभाग के अनुसार चुनाव कार्यक्रम के लिए 700 बसें, 700 जीप, 286 मैजिक व 38 ट्रकों को अधिग्रहित किया गया है। करीब 200 बसों को अन्य जिलों में भेजा जाएगा। इनके मालिकों को 25 अप्रेल को अपनी उपस्थिति दर्ज करवानी होगी।

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प्राइवेट बसों को चुनाव के लिए अधिग्रहित किया गया है। बस मालिक जहां चुनाव नहीं है, बारात के लिए वहां से बसों का आदान प्रदान करें। लोग भी अधिग्रहित बसों को हायर नहीं करे।
प्रकाश सिंह राठौड़, प्रादेशिक परिवहन अधिकारी

Published on:
17 Apr 2019 12:34 pm