
इटावा. सभी कार्यकर्ता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखें कि डीएपी व यूरिया खाद की दर कम करें, गैस के दाम करें ताकि आमजन को राहत मिले और आने वाले लोकसभा चुनाव में भाजपा सरकार दुबारा बन सके। टिकट वितरण के दौरान एनवक्त पर कांग्रेस से भाजपा में शामिल होकर पीपल्दा से विधानसभा चुनाव लड़ी ममता शर्मा ने यह बात गुरुवार को यहां भाजपा कार्यकर्ताओं की बैठक में कही। ममता इटावा और खातौली मंडल के भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ चुनाव में हार के कारणों की समीक्षा कर रही थी।
इटावा में देहात जिलाध्यक्ष जयवीर सिंह की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में भाजपा नेत्री ने कहा कि गरीब को रोटी कपड़ा और मकान चाहिए और कुछ नहीं। उन्होंने कहा कि कार्यकर्ताओं ने कोई कसर नहीं छोड़ी मगर कुछ समीकरणों की वजह से स्थिति विपरीत हो गई। उन्होंने कहा कि गांव में आज भी विकास की आवश्यकता है। भाजपा देहात जिलाध्यक्ष जयवीर सिंह ने कहा कि में लोकसभा के चुनाव आएंगे। सभी कार्यकर्ता जुट जाएं और गांव गांव में भाजपा की केंद्र सरकार की योजनाओं को बताएं।
बैठक को पूर्व प्रधान मानेवन्द्र सिंह हाड़ा, जिला परिषद सदस्य रजनीसिंह, ओबीसी जिलाध्यक्ष मुकेश नागर, भाजपा जिला उपाध्यक्ष रिंकू सोनी, पूर्व प्रधान विजयशंकर नागर, पूर्व विधायक प्रभूलाल वर्मा, जिला उपाध्यक्ष ललित शर्मा सहित कई वक्ताओं ने संबोधित किया। संचालन मंडल महामंत्री हेमराज सोनी ने किया। इस अवसर पर नगर अध्यक्ष चेनसुख मिततल, नंदलाल आर्य, भरत पारेता, रामशंकर शर्मा, गिर्राज चौधरी सहित कई कार्यकर्ता मौजूद थे।
हार से निराश होने की जरूरत नहीं
सुल्तानपुर. यहां पीडब्ल्यूडी रेस्टहाऊस में आयोजित समीक्षा बैठक में भाजपा प्रत्याशी ममता शर्मा ने कहा कि चुनाव में हार-जीत होती रहती है लेकिन कार्यकर्ताओं को निराश नहीं होना चाहिए। देहात जिला अध्यक्ष जयवीर सिंह की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में कुछ कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि मंडल के कुछ पदाधिकारियों ने चुनाव में सक्रियता नहीं दिखाई। इस पर ममता ने कहा कि चुनाव में हार से कार्यकर्ता निराश नहीं हों। सरकार बदली है लेकिन भाजपा कार्यकर्ताओ की जिम्मेदारी नहीं।
आमजन की समस्या के समाधान के लिए प्रत्येक कार्यकर्ता कटिबद्ध है। जिलाध्यक्ष सिंह ने कार्यकर्ताओ को जनता के साथ हरसमय कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा रहने का आह्वान किया। बैठक का संचालन भाजपा नेता निसार देशवाली ने किया। इस मौके पर नरेन्द्र विजय, कन्हैयालाल मीणा, डा. एलएन. शर्मा, मानवेन्द्र सिंह, महेन्द्र शर्मा, रामचरण राठौर, सोहन मालव, रामकल्याण मीणा, खुमान सिंह नरूका आदि मौजूद थे।