कोटा

जर्जर अस्पताल, चिकित्सा व्यवस्था बेहाल

शहर के आसपास के स्वास्थ्य केन्द्रों की हालत देख लगा मानो, इन्हें ही इलाज की जरूरत हो। गांव और कस्बों में स्थिति और भी खराब है।

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Sep 21, 2017
जर्जर अस्पताल, चिकित्सा व्यवस्था बेहाल

गंभीर बीमारियों से संघर्ष कर रहे कोटा और इसके अासपास के कस्बों की स्वास्थ्य व्यवस्था ही चरमराई हुई है। कहीं ताला लटका है, कहीं रास्ते पर कीचड़ पसरा है, कई केन्द्र जर्जर अवस्था में मिले। ऐसे में बीमारी काे पैर पसारने में कोई परेशानी हो रही। लोग रोगियाें को लेकर भटक रहे है। दूसरी और स्वास्थ्य विभाग को न राेगियों की चिंता है और न ही स्वास्थ्य केन्द्रों की।

विधायक नरेन्द्र नागर के गांव कंवल्दा में चिकित्सा व्यवस्था बेहाल हैं। गांव में अब तक सब सेंटर ही संचालित है। इसमें 6 गांवों की 3600 लोगों की आबादी जुड़ी है। बुधवार सुबह संवाददाता यहां पहुंचा तो सब सेंटर पर ताला लटका मिला। ग्रामीणों ने बताया कि यहां एक एएनएम और जीएनएम है लेकिन समय पर नहीं आने से कई बार ताला लटका रहता है। सब सेंटर में कंवल्दा के अलावा लाखाखेड़ी, बड़बेली, पचीपला, सेवनी, देदिया गांव जुड़े हैं। ग्रामीणों ने बताया कि करीब 8 वर्ष पूर्व गांव से दूर सुनसान स्थान पर सबसेंटर संचालित है। ऐसे में ग्रामीण दिन भी यहां आने से कतराते हैं। जनसंख्या को देखते हुए सब सेंटर की जगह प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र होकर चिकित्सकीय सेवाओं की दरकार है। वहीं डॉ. शिवलाल मीणा, ब्लॉक मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि स्टाफ के अवकाश पर रहने की कोई जानकारी नहीं है। समय पर सब सेंटर पर उपस्थिति देने के लिए नोटिस जारी कर पाबन्द किया जाएगा।

उप स्वास्थ्य केन्द्र भवन जर्जर हालत में

अकलेरा तहसील के बैरागढ़ पंचायत मुख्यालय पर संचालित उप स्वास्थ्य केन्द्र का भवन कई वर्षों से जर्जर होने से नकारा बना हुआ है। स्वास्थ्य केन्द्र करीब सालभर से आंगनबाड़ी पाठशाला प्रथम के भवन में संचालित होने से कार्मिकों व पढऩे वाले बच्चों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सीनियर स्कूल के समीप बने भवन के जर्जर होने के साथ ही कमरों के फाटक-दरवाजे क्षतिग्रस्त हो चुके हैं। बारिश का पानी भरा होने के कारण मच्छर पैदा हो रहे हैं। ग्रामीण रामलाल, धर्मराज, नंदसिंह राजपूत ने बताया कि बीमार महिलाओं को परेशानी ज्यादा हो रही है। एएनएम सुमन मेहरा ने कहा कि भवन के न होने से मजबूरी में आंगनबाड़ी पाठशाला भवन में बैठना पड़ता है।

गांव कंवल्दा में खण्डी रोड पर करीब आधा किमी दूर सुनसान स्थान पर सब सेंटर है। यहां जाने के लिए कच्ची गड़ारों में होकर जाना पड़ता है। साथ ही गड़ार में भी घुटनों तक कीचड़ भरा है। ऐसे में गर्भवती महिलाएं बीमार व रोगियों को मजबूरन सब सेंटर जाने के बजाय 6 किमी दूर खानपुर आना पड़ता है।

उद्घाटन के इंतजार में स्वास्थ्य केन्द्र

गुराडिय़ाजोगा के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का भवन बनकर तैयार होने के बाद भी अटल सेवा केंद्र में चलाना पड़ रहा है। अस्पताल भवन का लोकार्पण नहीं होने से हालात बने हैं। स्वास्थ्य केंद्र के भवन के लिए 1.30 करोड़ से नया भवन बनाया है। इसमें सभी सुविधाएं हैं। इसके अलावा बाहर की ओर काफी तादाद में पौधे भी लगाए थे। यह भवन बनकर तैयार होने के बाद इसे गत 11 जुलाई को ही चिकित्सा विभाग को सौंप दिया था, लेकिन भवन से सामान चोरी होने का खतरा बन गया है। चिकित्सा कर्मियों को जगह के अभाव में परेशानी हो रही है। गुराडिय़ाजोगा पंचायत के समित काफी गांवों के रोगी यहां उपचार कराने आते है। नए भवन में स्थानांतरित नहीं होने से रोगियों को सुविधाओं का लाभ नहीं मिल रहा है। चिकित्सालय में दो पुरुष व एक महिला वार्ड, एक ऑपरेशन, लैबर प्रसूता कक्ष, 2 चिकित्सक कक्ष, स्टोर, कार्यालय, नि:शुल्क दवा वितरण केन्द्र व परिवार कल्याण कार्यक्रम कक्ष सहित 18 कमरे बनाए हैं।

Published on:
21 Sept 2017 04:48 pm
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