कोटा

कई संस्थाओं ने थामा तोलाराम का हाथ

8 साल से बेड पर पीड़ा भुगत रहा तोलाराम अब अपना निशुल्क इलाज करा सकेगा, सभी आवश्यकता की पूर्ति कोटा के समाजसवी द्वारा की जाएगी।
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Updated: 18 Apr 2018, 5:23 PM IST
Tolaram

करंट लगने से 8 साल से बेड पर पीड़ा भुगत रहा तोलाराम अब अपना निशुल्क इलाज करा सकेगा, जांच करा सकेगा वहीं आने जाने, रहने, खाने सहित सभी आवश्यकता की पूर्ति कोटा के समाजसवी द्वारा की जाएगी।

राजस्थान पत्रिका के मंगलवार के अंक में 'सगी कलेजे से झटक गई, गैर बनी मां' शीर्षक से खबर प्रकाशित होने के बाद तोलाराम की मदद को कई लोग आगे आए हैं। सामाजिक संस्था ह्यूमन हेल्पलाइन के संयोजक मनोज जैन आदिनाथ ने चन्द्रपुरिया गांव पहुंचकर उसके उपचार एवं जीवन यापन में आ रही कमी को देखा।

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जैन के साथ अपना घर की टीम एम्बुलेंस लेकर पहुंची साथ ही समाजसेवी नवीन पालीवाल एवं धर्मनाथ दुबे ने प्रशासन से मदद के लिए बात की और मौके पर एयरबेड उपलब्ध कराया। इसके साथ ही समाजसेवियों ने यशोदा बनी मां के जस्बे को भी सलाम किया।

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मां की मदद करेगा बेटा
तोलाराम की मदद को इतने लोग आगे आए तो उसकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा। अब उसकी इच्छा है कि वह अपने मां की सेवा करे। ह्यूमन हेल्पलाइन द्वारा तोलाराम के लिए बाहर दुकान भी खुलवाई जाएगी। इसके साथ ही तलवंडी स्थित जिंदल लेकोस्कोपी सेंटर के डॉ. दिनेश जिंदल ने चन्द्रपुरिया पहुंचकर ताराचंद व तोलाराम की जांच की और नि:शुल्क उपचार की बात कही।

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आंनद डॉयग्नोस्टिक्स के राजेश जैन ने ताराचंद की आजीवन एम्बुलेंस एवं समस्त जांच नि:शुल्क उपलब्ध कराने का आश्वाशन दिया। प्रेम चंद करनावट द्वारा व्हीलचेयर एवं हॉस्पिटल बेड, श्रमण संस्कृति व्हाट्सएप ग्रुप के कमलेश सांवला एवं विजय जैन द्वारा आर्थिक मदद, यतीश जैन द्वारा राशन सामग्री, पुण्योदय महिला मंडल द्वारा नए कपड़े, बेडशीट बिस्तर, जीओ और जीने दो गु्रप द्वारा डेजर्ट कूलर भेंट किया गया। इसके साथ ही कई लोगों द्वारा टॉयलेट पॉट, यूरिन पॉट, बेडसोल पेड़ पट्टी बंडल दवाई आदि पहुंचाई जा चुकी है।

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