
कोटा .एमबीएस अस्पताल में संविदाकर्मी व जेके लोन के सफाई कर्मचारियों की चल रही हड़ताल के छठे दिन जारी रही। मंगलवार को भी भामाशाह काउंटर पर समय से काम नहीं हो हुए, पर्ची काउंटर पर लम्बी कतारें लगी रही। पर्याप्त दवा काउंटर नहीं खुलने से रोगियों और परिजनों को घंटों मशक्कत करनी पड़ी। केश काउंटर पर भी कतारें रही। जेके लोन में संविदाकर्मियों ने काली पट्टी बांधकर कार्य किया।
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जेके लोन : खतरे में जच्चा-बच्चा
जेके लोन के मदर वार्ड में सबसे अधिक खतरा नवजात शिशु व जन्म देने वाली मां को है। यहां 21 जून के बाद से सफाई नहीं हुई। खाने की गंदगी के साथ, डिस्पोजल, एनएस की बोतलें, सिरिंज, कॉटन व कई तरह की गंदगी से वार्ड भरा हुआ है। इससे जच्चा-बच्चा को संक्रमण का खतरा है। मरीजों का कहन है कि अस्पताल प्रशासन ने यहां एक बार भी सफाई नहीं करवाई है।
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संवेदक फर्म को नोटिस, ब्लैक लिस्ट करने की तैयारी
अस्पताल प्रशासन ने ठेका फर्म पूर्व सैनिक बहुउद्देशीय संस्थान के संचालक अनुराग को नोटिस जारी कर 48 घंटे में कर्मचारियों की व्यवस्था करने के निर्देश दिए हैं। उसके बाद भी कर्मचारी नहीं लगाए गए तो फर्म को ब्लैक लिस्ट करने की कार्रवाई की जाएगी। साथ ही उस पर प्रतिदिन 50 हजार के करीब जुर्माना लगाया जा रहा है।
जब तक मांगें नहीं मानी जाती, हड़ताल जारी रहेगी। कर्मचारियों का वेतन बढ़ाए जाने पर ही हड़ताल समाप्त होगी।
-भरत व्यास, अध्यक्ष, संविदा कर्मचारी संघ