
रामगंजमंडी. रामगमंजमंडी वृत्त में आबकारी विभाग में कमाई का खेल लंबे समय से चल रहा है। कई बार आबकारी विभाग के अफसरों को झिंझौड कर जगाने का प्रयास किया गया, लेकिन विभाग टस से मस नहीं हुआ। जानकारों का कहना है कि सारा खेल खुले तौर पर चलता रहा। तत्कालीन विधायक ने निर्धारित समय के बाद शराब की बोतल खरीद कर अफसरों को सौंप दी, फिर भी कुछ नहीं किया गया।
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खैराबाद पंचायत समिति की बैठक में स्वीकृत एक शराब की दुकान पर अलग अलग गांवों में पांच ब्रांच चलाने, रात्रि में शराब की दुकानों पर खुलेआम शराब मिलने की कई शिकायतों के बाद भी निरीक्षक ने कोई कार्यवाही नहीं की। विधायक चन्द्रकांता मेघवाल ने तो खैराबाद में रात्रि के समय में एक शराब की दुकान पर पहुंचकर शराब की बोतल खरीदकर भी आबकारी विभाग के निरीक्षक व आला अधिकारियों को बताई। बावजूद इसके आबकारी विभाग ने रात्रि में शराब बेचने वालों के खिलाफ कोई कार्यवाही नहीं की। विदित रहे, चंद्रकांता रामगंजमंडी विधानसभा क्षेत्र से दो बार विधायक रह चुकी हैं। वर्तमान में बूंदी जिले के केशवरायपाटन से विधायक हैं। उन्होंने अपने विधायक काल में रामगंजमंडी में स्टिंग ऑपरेशन कर आबकारी अधिकारियों के दावों की पोल खोली थी।
आबकारी विभाग के सूत्रों ने बतााया कि रामगमंजमंडी तहसील में शराब की 35 दुकानें है। लाटरी से दुकान खुलने के बाद उसकी लोकेशन को पास कराने की एवज में जमकर वसूली की जाती रही है। विवादित लोकेशन की स्थिति में रकम बढ़ जाती थी। राज्य सरकार ने शराब की दुकानों के खुलने व बंद होने का समय निर्धारित किया हुआ है।
इस नियम की पालना नहीं करने पर आबकारी विभाग संबंधित ठेकेदार के खिलाफ तीन बार कार्यवाही कर देता है तो उस ठेकेदार का लाइसेंस निरस्त होने का खतरा बन जाता हैं। रामगंजमंडी तहसील क्षेत्र में रात के समय में कई दुकानों पर सुलभता से शराब बेची जा रही है, लेकिन किसी ठेकेदार के खिलाफ आबकारी विभाग ने आज तक तीन केस नहीं बनाए।