
खातौली. इटावा. क्षेत्र लगातार हो रही बारिश से नदी-नाले उफान पर है। चंबल नदी की पुलिया पर पानी होने के कारण खातौली-सवाईमाधोपुर मार्ग 10 दिनों से बंद है। वहीं, खातौली गांव में पार्वती नदी की पुलिया से पानी उतरने लगा है। पुलिया पर अभी लगभग एक फीट पानी है। जानकारी के अनुसार मंगलवार सुबह से ही पार्वती नदी की पुलिया पर पानी होने के कारण आवागमन बंद हैं।
पार्वती नदी में लगातार पानी की आवक होने से मंगलवार को भी कोटा-श्योपुर मार्ग बंद रहा। सुबह पार्वती नदी की पुलिया पर तीन फीट पानी रहा जो दोपहर तक बढ़कर पांच फीट हो गया। इसके बाद भी पानी की आवक जारी रही और शाम होते-होते पुलिया पर करीब दस फीट पानी आ गया।
केन्द्रीय जल आयोग के कनिष्ट अभियंता लोकेश कुमार मीणा ने बताया कि नदी के जलस्तर में इजाफा हो रहा है। ऐसे में बुधवार को भी कोटा-खातौली-श्योपुर मार्ग अवरूद्ध रहने की संभावना है। रास्ता बंद होने से श्योपुर से आने वाली सब्जियां खातौली नहीं पहुंच पा रही। वहीं, चम्बल नदी में पानी की आवक के चलते खातौली-सवाईमाधोपुर मार्ग सातवें दिन भी बंद रहा। क्षेत्र में सोमवार रात से रुक-रुक कर शुरू हुई बरसात मंलवार सुबह 8 बजे तक जारी रही। लोगों की दिनचर्या प्रभावित रही।
खातौली-करवाड़ सम्पर्क सड़क क्षतिग्रस्त
खातौली. कस्बे को पीपल्दा मुख्यालय से जोडऩे वाली खातौली-करवाड़ सम्पर्क सड़क बरसात से क्षतिग्रस्त हो गई। इससे चौपहिया वाहनों का आवागमन बाधित हो गया। वहीं, दुपहिया वाहन चालकों को सड़क पार करने में काफी मशक्कत करनी पड़ रही है। ग्रामीणों ने बताया कि गोरधनपुरा के आगे बनी पुलिया गत बरसात में क्षतिग्रस्त हो गई थी। पीडब्ल्यूडी विभाग द्वारा मरम्मत नहीं करवाने से हाल ही में हुई झमाझम बारिश से पुलिया क्षतिग्रस्त हो गई। जल्द ही मरम्मत नहीं करवाई गई तो दर्जन भर गावों का करवाड़ व खातौली से कट जाएगा। ग्रामीणों ने प्रशासन से मार्ग की मरम्मत करवाने की मांग की है।
कच्चे घरों पर आफत, खेत जलमग्न
सुल्तानपुर. क्षेत्र में लगातार बारिश के चलते जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। लोगों के रोजमर्रा के कामकाज ठप होने लगे हैं। मंगलवार को भी सुबह से शुरू हुआ बारिश का दौर दोपहर तीन बजे तक चलता रहा। इसके बाद भी रूक-रूककर बारिश हुई। लगातार बारिश से कई जगह पानी निकासी नहीं होने से गंदा पानी घरों में घुस गया। वहीं कस्बे के राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय परिसर में पानी निकासी नहीं होने से विद्यार्थियों को आने-जाने में परेशानी हो रही है। कच्चे मकान मालिकों के लिए बारिश आफत बन गई है। डूंगरज्या गांव में गांववासी छोटूलाल गोचर के कच्चे मकान की दीवार बारिश से ढह गई। संयोग से सड़क व घर खाली होने से हादसा नहीं हुआ।