
विधायक सिंघवी ने पत्र लिख किया कार्रवाई का आग्रह
छबड़ा/बारां. छबड़ा के विधायक प्रताप सिंह सिंघवी ने बुधवार को मुख्यमंत्री को पत्र लिख पुलिस की दबंगई की शिकायत की है। इस पत्र में उन्होंने छबड़ा थाने में पदस्थ एक उपनिरीक्षक व चार-पांच अन्य पुलिस कर्मियों पर घर में घुसकर एक व्यक्ति के साथ मारपीट करने व महिलाओं के साथ अभद्रता की जानकारी दी है तथा मामले की निष्पक्ष जांच करा उचित कार्रवाई कराने का आग्रह भी किया है।
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विधायक सिंघवी ने पत्र में लिखा है कि छबड़ा की ग्राम पंचायत खोपर के पूर्व सरपंच रामचरण मीणा ने प्रार्थना पत्र दिया है। पूर्व सरपंच का कहना है कि उपनिरीक्षक राजेन्द्र कुमार मीणा व चार-पांच पुलिस कर्मियों ने बावड़ीखेड़ा निवासी चम्पालाल मीणा के साथ मारपीट की। इससे चम्पालाल का पैर टूट गया। साथ ही हाथ पर भी गंभीर चोट आई है।
इसके अलावा पुलिसकर्मियों ने महिलाओं के साथ अभद्रता भी की। पीडि़त को उपचार के लिए बारां चिकित्सालय में भर्ती कराया गया है। छबड़ा थाने में पीडि़त की रिपोर्ट भी दर्ज नहीं की गई। उन्होंने मुख्यमंत्री से आग्रह किया है कि उक्त प्रकरण की निष्पक्ष जांच करा दोषी उपनिरीक्षक व पुलिसकर्मियों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई की जाए।
पत्नी ने उपाधीक्षक को दिया परिवाद
इधर, बावड़ीखेड़ा निवासी कैला बाई मीणा ने पुलिस उपाधीक्षक को परिवाद दिया है। इसमें उसने बताया कि थानेदार मीणा सहित अन्य पुलिस कर्मियों ने 25 मई की रात को घर में घुस कर पति चंपालाल के साथ लाठियों से बुरी तरह मारपीट कर पैर तोड़ दिया और बचाव करने पर महिलाओं से अभद्रता व धक्का-मुक्की की। महिला का आरोप है कि थानेदार ने उसके पुत्र की बाइक पकड़ी थी तथा 2 हजार रुपए लेने के बाद भी बाइक नहीं दी। बाद में मोबाइल पर अनबन होने पर थानेदार सहित पुलिस जवानों ने घर में घुस कर मारपीट की। उपाधीक्षक प्रदीप हापावत ने बताया कि मामले में जांच की जा रही है। जबकि थानेदार मीणा का कहना है कि गांव में बाइक चोरी के मामले में पुलिस मौके पर गई थी। पुलिस के आने की सूचना पर चंपालाल घर से भागते समय गिर गया, इससे उसका पैर टूट गया। पुलिस पर लगाए जा रहे आरोप बेबुनियाद है।