
55 साल पहले मातृभूमि की रक्षा के लिए लद्दाख में हंसते-हंसते अपने प्राण न्यौछावर करने वाले शहीदों को कोटा ,बूंदी, बारां और झालावाड़ सहित पूरे राजस्थान में पुलिस ने श्रद्धांजलि अर्पित की। सुबह आठ बजे सभी जिला मुख्यालयों पर शहीदों को श्रद्धा सुमन अर्पित करने के लिए शहीद दिवस आयोजित किया गया।
55 साल पहले अक्टूबर 1959 में आज ही के दिन लद्दाख में पुलिस की एक छोटी सी टुकड़ी ने दुश्मनों से लोहा लेते हुए मातृभूमि की रक्षा में अपने प्राण त्याग दिए थे। इसके बाद से ही उनकी याद में हर साल 21 अक्टूबर को पुलिस शहीद दिवस मनाया जाता है। ड्यूटी पर कर्तव्य निर्वहन के दौरान शहीद हुए पुलिस के जवानों और अफसरों को याद कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की जाती है।
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हाड़ौती में हुई शहीद परेड़
हाड़ौती अंचल के चारों जिलों कोटा, बारां, बूंदी और झालावाड़ में भी 21 अक्टूबर को शहीद दिवस मनाया गया। चारों जिलों की पुलिस लाइन में पुलिस के जवान और आला अफसरों ने शहीद पुलिस कर्मियों को श्रद्धांजलि अर्पित की। इस मौके पर दिवंगत शूरवीरों की स्मृति में शहीद परेड़ का भी आयोजन हुआ। पुलिस की टुकड़ी ने शहीदों के सम्मान में फायरिंग कर उन्हें सलामी दी। इसके साथ ही पुलिस के आला अधिकारियों को शहीदों को पुष्पचक्र अर्पित किए। शहीदों के नाम का स्मरण किए जाने के बाद पुलिस बैंड ने "लास्ट पोस्ट' की धुन बजाकर उन्हें अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
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लद्दाख के शहीदों जैसी निष्ठा बनाए रखें जवान
शहीद दिवस के मौके पर कोटा पुलिस लाइन में मौजूद पुलिस कर्मियों को संबोधित करते हुए आईजी विशाल बंसल ने कहा कि पुलिसकर्मियों को अपने कर्तव्य और निष्ठा से ड्यूटी करनी चाहिए। इस मौके पर पुलिसकर्मियों का सम्मानित भी किया गया। पुलिस शहीद दिवस के मौके पर शहर पुलिस अधीक्षक अंशुमन भोमिया, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शहर अनंत कुमार, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मुख्यालय उमेश समेत सभी उपअधीक्षक, थानाधिकारी और पुलिस लाइन समेत शहर के सभी पुलिसकर्मी मौजूद थे।