
कोटा. राहगीर भीषण गर्मी में ठण्डे पानी से गला तर कर सकें, इसके लिए नगर निगम की ओर से शहर में प्याऊ की जगह वाटर कूलर लगाए गए हैं, लेकिन खराब होने पर दुरुस्त करने की कोई व्यवस्था नहीं की गई। इस कारण वाटर कूलर पर जाकर भी लोग गला तर नहीं कर पा रहे। लोगों को गर्मी में ठण्डे पानी के लिए इधर-उधर भटकना पड़ रहा है।
निगम की ओर से पहले गर्मी शुरू होते ही बाजारों, मुख्य चौराहों, कॉलोनियों और पार्कों के आस-पास प्याऊ लगाई जाती थी, लेकिन भाजपा बोर्ड में वाटर कूलर लगाने का निर्णय किया गया। इसके बाद निगम ने प्याऊ लगाना बंद कर दिया।
पिछले दो साल में लाखों रुपए खर्च कर 200 से अधिक वाटर कूलर लगा दिए हैं। इसमें सेे 75 वाटर कूलर खराब पड़े हैं। इस कारण लोगों को ठण्डा पानी नसीब नहीं होता है। यह वाटर कूलर अनुपयोग पड़े हैं।
टेबलों पर घूम रही फाइल
पिछले दिनों पार्षदों ने वाटर कूलर दुरुस्त करवाने के लिए महापौर और आयुक्त से मांग की थी, लेकिन कुछ नहीं हुआ। करीब दो माह से फाइल अधिकारियों की एक टेबल से दूसरी टेबल पर घूम रही है।
निगम की ओर से वाटर कलर के मेंटेनेंस का काम हर साल वार्षिक ठेका दर (एआरसी) पर दे दिया जाता है, जबकि यह खराब होते थे और निगम के जनस्वास्थ्य अनुभाग में फोन करते ही दुरुस्त हो जाते थे, लेकिन इस बार अभी तक मरम्मत का काम किसी को नहीं दिया गया है।
सुनीता व्यास, उप महापौर बोली की दो माह से वाटर कूलर दुरुस्त करने की मांग की जा रही है, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही। मेरे वार्ड में ही 9 वाटर कूलर खराब पड़े हैं।गोपाल राम मण्डा, पार्षदों और लोगों से वाटर कूलर खराब होने पर ठीक नहीं होने की बार-बार शिकायतें आ रही हैं। इस बारे में आयुक्त से बात कर गर्मी को देखते हुए सभी वाटर कूलर जल्द दुरुस्त करवाए जाएंगे।