
कोटा. विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच पैदा करने के लिए माध्यमिक शिक्षा विभाग ने इंस्पायर अवार्ड नामक योजना लागू की है। योजना को कक्षा 6 से 10 के विद्यार्थियों के लिए शुरू किया है। चयनित विद्यार्थियों को 10 हजार रुपए की आर्थिक सहायता दी जाएगी। विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग ने संस्था प्रधानों से 31 जुलाई तक ऑनलाइन आवेदन मांगे हैं।
यह आवेदन हर संस्था प्रधान की ओर से अनिवार्य रूप से भिजवाए जाएंगे। संस्था प्रधान श्रेष्ठ विद्यार्थियों के नाम विभाग को भेजेंगे। जिनमें से 10 प्रतिशत विद्यार्थियों का योजना में चयन किया जाएगा। चयन उपरांत विद्यार्थियों के बैंक खातों में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग की ओर से डीबीटी से भुगतान किया जाएगा। माध्यमिक शिक्षा निदेशक ने जिला शिक्षा अधिकारी (माध्यमिक) मुख्यालय को 31 जुलाई तक सभी संस्था प्रधानों से ऑनलाइन आवेदन करने के निर्देश दिए हैं।
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योजना का उद्देश्य
इंस्पायर मानक के माध्यम से बच्चों के नवाचारी आइडिया को डवलप करने का एक प्रयास है। इससे विद्यार्थियों में रचनात्मक सृजन विकसित करने का प्रयास किया जा रहा है। इस अवार्ड के तहत पहले 5 हजार रुपए की राशि दी जाती थी। जिसे बढ़ाकर 10 हजार रुपए कर दिया है। जो 1 लाख विद्यार्थियों को मिलेगी। राशि सीधे उनके खातों में ट्रांसफर की जाएगी।
थीम पर होंगे आइडिया
इंस्पायर अवार्ड कार्यक्रम के तहत विभिन्न स्तरों पर अनेक प्रकार की प्रदर्शनी आयोजित होने से विभिन्न टेक्नोलॉजी इंस्टीट्यूट्स वैज्ञानिक, उद्योगपति, किसान, व्यापारी व आम नागरिक से जुड़ते हैं। नवाचारी विद्यार्थियों को आर्थिक के अलावा भी अनेक तरह के प्रोत्साहन मिलते हैं।