Kota News : राज्य सरकार की ओर से प्रदेश के सरकारी स्कूल के छात्र-छात्राओं को यूनिफॉर्म निशुल्क दी जाती है, लेकिन राजकीय महात्मा गांधी अंग्रेजी स्कूलों में अलग ड्रेस कोड लागू होने के कारण निशुल्क दी जानी वाली यूनिफॉर्म काम में नहीं आ रही है।
नीरज गौतम
Kota News : राज्य सरकार की ओर से प्रदेश के सरकारी स्कूल के छात्र-छात्राओं को यूनिफॉर्म निशुल्क दी जाती है, लेकिन राजकीय महात्मा गांधी अंग्रेजी स्कूलों में अलग ड्रेस कोड लागू होने के कारण निशुल्क दी जानी वाली यूनिफॉर्म काम में नहीं आ रही है। ऐसे में विद्यार्थियों को महंगी यूनिफाॅर्म खरीदनी पड़ रही है। सरकारी सिस्टम की बड़ी खामी यह है कि महात्मा गांधी स्कूलों में अलग ड्रेस लागू होने के बावजूद भी छात्र-छात्राओं को सामान्य स्कूल वाली यूनिफाॅर्म दी जा रही है, जो उनके कोई काम नहीं आ रही है। प्रदेश में 3 हजार 346 महात्मा गांधी विद्यालय में 7.21 लाख बच्चे अध्ययनरत हैं।
यह है मामला
पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार ने तीन साल पहले महात्मा गांधी इंग्लिश स्कूल खोले थे। इनका ड्रेस कोर्ड सरकार ने तय नहीं किया तो विद्यालय विकास एवं प्रबंधन समिति (एसडीएमसी) से प्रस्ताव लेकर अपने स्तर पर ही यूनिफाॅर्म तय कर ली। जो सरकारी यूनिफार्म दी जाती है, ये उससे अलग हो गई। ऐसे में सरकार की ओर से दी जाने वाली यूनिफार्म घरों पर धूल खा रही है।
ऐसी है यूनिफार्म
महात्मा गांधी अंग्रेजी स्कूलों में चौकड़ी शर्ट व गहरे नीले रंग की पेंट पहनी जाती है, लेकिन उनके बच्चों को भी राज्य सरकार की ओर से गहरे सलेटी रंग की पेंट व आसमानी नीले रंग की शर्ट दी जा रही है। मजबूरन उन्हें बाजार से यूनिफार्म खरीदनी पड़ रही है, जिसका खर्च एक जोड़ी का खर्च 1500 रुपए तक आ रहा है।
कुछ महात्मा गांधी अंग्रेजी स्कूलों ने एसडीएमसी से प्रस्ताव पारित करने के बाद ही यूनिफॉर्म लागू कर रखी होगी। स्कूलों को पाबंद करेंगे कि वे सरकार की ओर से लागू यूनिफॉर्म भी सप्ताह में दो दिन पहनने को लेकर लागू करें, जिससे वह भी काम आ सके।
तेज कंवर, संयुक्त निदेशक, स्कूली शिक्षा, कोटा संभाग