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University of Kota: विद्यार्थियों के साथ मुख्यमंत्री व केंद्रीय शिक्षा मंत्री का सीधा संवाद, विदेशी भाषा कौशल पर दिया जोर

कोटा विश्वविद्यालय में विद्यार्थियों के साथ मुख्यमंत्री एवं केंद्रीय शिक्षा मंत्री का सीधा संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर विदेशी भाषा कौशल कार्यक्रम के अंतर्गत राजस्थान सरकार और अंग्रेजी और विदेशी भाषाएं विश्वविद्यालय (ईएफएलयूू) हैदराबाद के मध्य हुए एमओयू पर चर्चा की गई।

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कोटा

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Abhishek Gupta

May 01, 2026

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कोटा विश्वविद्यालय में संवाद कार्यक्रम

Kota News: कोटा विश्वविद्यालय में विद्यार्थियों के साथ मुख्यमंत्री एवं केंद्रीय शिक्षा मंत्री का सीधा संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर विदेशी भाषा कौशल कार्यक्रम के अंतर्गत राजस्थान सरकार और अंग्रेजी और विदेशी भाषाएं विश्वविद्यालय (ईएफएलयूू) हैदराबाद के मध्य हुए एमओयू पर चर्चा की गई। कार्यक्रम में छात्रों, शिक्षकों और प्रशासनिक अधिकारियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

छात्र कल्याण अधिष्ठाता प्रोफेसर नीलू चौहान ने बताया कि इस संवाद का उद्देश्य विद्यार्थियों को नई शिक्षा नीतियों, कौशल विकास योजनाओं और रोजगार के अवसरों से सीधे जोड़ना है। कौशल विकास और उद्यमिता राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) जयंत चौधरी कहा कि विदेशी भाषा कौशल कार्यक्रम राज्य सरकार की दूरदर्शी सोच का परिणाम है, जो युवाओं को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रोजगार के लिए तैयार करेगा। कार्यक्रम में राज्य मंत्री कृष्ण कुमार विश्नोई उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में कोटा विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रोफेसर डॉ. भगवती प्रसाद सारस्वत ने संबोधन में विद्यार्थियो को कहा कि वर्तमान समय में केवल पारंपरिक शिक्षा पर्याप्त नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों को वैश्विक दृष्टिकोण और बहुभाषीय दक्षता की आवश्यकता है। उन्होंने एमओयू को विद्यार्थियों के लिए “अवसरों का द्वार” बताते हुए कहा कि इससे उनके करियर में नई संभावनाएं खुलेंगी।

मुख्यमंत्री भजनलाल ने कहा कि राजस्थान सरकार युवाओं को आत्मनिर्भर और वैश्विक स्तर पर सक्षम बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने बताया कि यह समझौता राज्य के विद्यार्थियों को जापानी, जर्मन, फ्रेंच, कोरिया , स्पिनिस और अंग्रेजी अन्य विदेशी भाषाओं का प्रशिक्षण प्रदान करेगा। इससे न केवल उनके संचार कौशल में सुधार होगा, बल्कि उन्हें अंतरराष्ट्रीय कंपनियों में रोजगार प्राप्त करने में भी मदद मिलेगी।
उन्होंने आगे कहा कि आज के दौर में भाषा कौशल केवल एक अतिरिक्त योग्यता नहीं, बल्कि एक अनिवार्य आवश्यकता बन चुकी है। इस कार्यक्रम के माध्यम से राजस्थान के युवाओं को वैश्विक बाजार की मांग के अनुरूप तैयार किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि राज्य सरकार इस पहल को गांव-गांव तक पहुंचाने का प्रयास करेगी, ताकि ग्रामीण क्षेत्र के विद्यार्थी भी इसका लाभ उठा सकें।

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपने वक्तव्य में कहा कि नई शिक्षा नीति के अनुरूप राज्य में कौशल आधारित शिक्षा को प्राथमिकता दी जा रही है। विदेशी भाषा कौशल कार्यक्रम इसी दिशा में एक ठोस कदम है। उन्होंने बताया कि इस एमओयू के तहत विद्यार्थियों को उच्च गुणवत्ता वाले प्रशिक्षण, प्रमाणपत्र और प्लेसमेंट सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने मुख्यमंत्री से सीधे संवाद करते हुए विभिन्न विषयों पर प्रश्न पूछे। कई छात्रों ने विदेशी भाषाओं के प्रशिक्षण, पर्यटन, रोजगार की संभावनाओं को लेकर अपनी जिज्ञासाएं रखीं।

मुख्यमंत्री ने सभी प्रश्नों का संतोषजनक उत्तर देते हुए आश्वासन दिया कि यह कार्यक्रम पूरी पारदर्शिता और गुणवत्ता के साथ संचालित किया जाएगा। कुलगुरु प्रोफेसर डॉ. सारस्वत ने कहा कि कोटा विश्वविद्यालय इस कार्यक्रम को सफल बनाने में अग्रणी भूमिका निभाएगा। विश्विधयालय में विद्यार्थियो के कौशल विकास के लिए कौशल विकाश केंद्र हैं। उन्होंने विश्वविद्यालय प्रशासन और संकाय सदस्यों से अपील की कि वे विद्यार्थियों को इस योजना से जोड़ने में सक्रिय योगदान दें। कार्यक्रम में 22 विभागों के विद्यार्थियों के साथ अधिष्ठाता स्नातकोत्तर प्रोफ़ेसर घनश्याम शर्मा, फार्मेसी से डॉ. के के शर्मा, डॉ. सरिता सोलंकी, विधि विभाग समन्वयन डॉ प्रियंका सैनी उपस्थित रहे।