
भगवान को चिट्टी सुनाते पुजारी की फोटो: पत्रिका
Unique Temple Of Rajasthan: कोटा शहर के किशोरपुरा गेट पर स्थित 300 साल पुराने भगवान नृसिंह मंदिर में भक्तों की मनोकामनाएं एक अनूठे तरीके से पूरी होने की उम्मीद में लगाई जाती हैं। यहां भक्त अपनी समस्याओं और इच्छाओं को एक पर्ची पर लिखकर छोड़ जाते हैं, जिसे मंदिर के पुजारी स्वयं भगवान को सुनाते हैं। यह मंदिर सदियों से कोटा के रक्षक के रूप में मान्यता प्राप्त है।
मंदिर के पुजारी मयंक शर्मा ने बताया कि लगभग 300 वर्ष पूर्व कोटा पर कोठी की रक्षा के लिए कोटा दरबार ने किशोरपुरा गेट पर भगवान नृसिंह और देवी लक्ष्मी की आमने-सामने स्थापना की थी।
मंदिर में भगवान नृसिंह शेषनाग पर शांत स्वरूप में विराजमान हैं और ठीक सामने देवी लक्ष्मी की प्रतिमा स्थापित है। भक्तों की अटूट आस्था है कि यहां पर्ची के माध्यम से अर्जी लगाने से उनकी मनोकामनाएं अवश्य पूर्ण होती हैं।
पुजारी शर्मा ने बताया कि भक्त खासकर बीमारी, पढ़ाई, नौकरी और शादी-विवाह सहित अन्य समस्याओं के निराकरण के लिए यहां पर्ची के माध्यम से अर्जी लगाकर जाते हैं। साल भर में लगभग 200 से अधिक अर्जियां भक्तजन लगा चुके हैं।
पुजारी प्रतिदिन सुबह 5 बजे भगवान का अभिषेक करने के बाद इन अर्जियों को भगवान को पढ़कर सुनाते हैं और मनोकामना पूर्ण करने की प्रार्थना करते हैं। मंदिर में अखंड ज्योत भी निरंतर प्रज्ज्वलित है, जो भक्तों की अटूट आस्था का प्रतीक है और यहां आने वाले हर श्रद्धालु को एक सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करती है।
Updated on:
01 May 2026 01:00 pm
Published on:
01 May 2026 12:53 pm
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