
Re-NEETUG 2026 : राजस्थान सहित पूरे देश में मेडिकल प्रवेश परीक्षा री-नीट यूजी 2026 शांतिपूर्ण सम्पन्न हुई। परीक्षा के बाद विद्यार्थियों और विषय विशेषज्ञों से मिले फीडबैंक के अनुसार, इस बार प्रश्नपत्र का स्तर औसत से ऊपर और अधिक कॉन्सेप्ट आधारित रहा। विशेष रूप से फिजिक्स और कैमिस्ट्री सेक्शन ने विद्यार्थियों की समझ, विश्लेषण क्षमता और समय प्रबंधन की वास्तविक परीक्षा ली। विशेषज्ञों का मानना है कि री-नीट 2026 ने केवल याददाश्त नहीं बल्कि विषय की वास्तविक समझ, कॉन्सेप्ट क्लैरिटी, तर्कशक्ति और परीक्षा रणनीति को परखा।
जिन विद्यार्थियों की एनसीईआरटी पर मजबूत पकड़ और समय प्रबंधन बेहतर रहा, उन्हें स्पष्ट लाभ मिलने की संभावना है। विश्लेषण के अनुसार री-नीट 2026, नीट 2025 की तुलना में थोड़ा कठिन तथा नीट 2024 की तुलना में अधिक कॉन्सेप्चुअल माना जा रहा है।
राजस्थान में विशेषज्ञों के अनुसार फिजिक्स में सीधे फॉर्मूला और फैक्ट आधारित प्रश्न लगभग नदारद रहे। अधिकांश प्रश्न एप्लिकेशन आधारित, मल्टी-कॉन्सेप्ट और विश्लेषणात्मक थे। कुछ प्रश्न लंबे और ट्रिकी होने से विद्यार्थियों को समय प्रबंधन में कठिनाई का सामना करना पड़ा। फिजिक्स के पेपर कोड-50 के प्रश्न संख्या-26 में यूनिट डायमेंशन से जुड़े प्रश्न के सभी विकल्पों में सही उत्तर उपलब्ध नहीं होने की बात सामने आई है। ऐसे में इस प्रश्न पर बोनस अंक मिलने की संभावना जताई जा रही है।
कैमिस्ट्री में विशेष रूप से फिजिकल कैमिस्ट्री का स्तर अपेक्षाकृत कठिन रहा। प्रश्नों में गणनात्मक क्षमता, गहराई और कॉन्सेप्चुअल समझ की आवश्यकता रही। ऑर्गेनिक और इनऑर्गेनिक कैमिस्ट्री भी 3 मई को आयोजित मूल परीक्षा की तुलना में अधिक चुनौतीपूर्ण रही।
बायोलॉजी का पेपर विद्यार्थियों के अनुसार 3 मई की परीक्षा की तुलना में अपेक्षाकृत आसान और स्कोरिंग रहा। हालांकि इसमें 32 मल्टीपल करेक्ट प्रकार के प्रश्न पूछे गए। प्लांट मॉॉलॉजी में सोलेनेसी से संबंधित एक प्रश्न को लेकर चर्चा रही कि वह एनटीए के निर्धारित सिलेबस से बाहर था। इसके अलावा तीन प्रश्नों के विकल्प अत्यधिक भ्रमित करने वाले बताए गए। बायोलॉजी में कक्षा 11 से 52 तथा कक्षा 12 से 38 प्रश्न पूछे गए। विषयवार वितरण में ह्यूमन फिजियोलॉजी से सर्वाधिक 13 प्रश्न, प्लांट फिजियोलॉजी तथा जेनेटिक्स एवं बायोटेक्नोलॉजी से 11-11 प्रश्न और सेल बायोलॉजी से 9 प्रश्न शामिल रहे।
देशभर के 823 मेडिकल संस्थानों में कुल 1,29,602 एमबीबीएस सीटों के लिए परीक्षा आयोजित की गई। इनमें 450 सरकारी मेडिकल संस्थानों में 63,159 सीटें तथा 373 निजी संस्थानों में 66,443 सीटें उपलब्ध है।
प्रारंभिक विश्लेषण के अनुसार 155 से 165 सही प्रश्नों का प्रयास अच्छा माना जा सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार 620 से 650 अंक सुरक्षित स्कोर की श्रेणी में रह सकते हैं, जबकि 680 से अधिक अंक प्राप्त करने वाले अभ्यर्थी शीर्ष रैंक की दौड़ में मजबूत स्थिति बना सकते हैं। परीक्षा के कठिनाई स्तर को देखते हुए इस वर्ष कटऑफ में हल्की गिरावट की संभावना व्यक्त की जा रही है। जनरल, ओबीसी और ईडब्ल्यूएस वर्ग में कट ऑफ कुछ अंक नीचे जा सकती है, जबकि एससी-एसटी वर्ग में भी समान रुझान देखने को मिल सकता है।
नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) की ओर से आयोजित देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा री-नीट यूजी 2026 रविवार को शांतिपूर्ण सम्पन्न हुई। कोटा में बनाए गए 92 परीक्षा केन्द्रों पर पंजीकृत 32,718 अभ्यर्थियों में से 30,886 अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल हुए। जबकि 1,832 अनुपस्थित रहे। कुल उपस्थिति 94.4 प्रतिशत दर्ज की गई।