
कोटा . ब्राह्मण समाज महानगर के तत्वावधान में परशुराम जयंती पर आयोजित कायक्रम में शामिल होने के लिए शहीद भगत सिंह, राजगुरु व सुखदेव के परिजन आएंगे।समाज की ओर से हरीश शर्मा ने बताया कि शहीद राजगुरु के परिवार से उनके भतीजे सत्यशील राजगुरु व उनकी पत्नी आरती राजगुरु आएंगी। शहीदे आजम भगत सिंह के परिवार से उनके भाई के पुत्र अभय सिंह व उनकी पत्नी तेजविंदर सिंह कौर तथा अमर शहीद सुखदेव के पोते अनुज कोटा आएंगे। वे 17 को कोटा पहुंचेंगे। उन्हें जुलूस के रूप में स्टेशन से परशुराम सर्किल पर लाया जाएगा। जुलूस में विभिन्न अखाड़ों के संचालक, 400 दुपहिया वाहन, करीब 100 कारें व अन्यवाहन शामिल रहेंगे। ***** युवा वाहिनी के कार्यकर्ता पदाधिकारी भी जुलूस में शामिल होंगे। यह जुलूस स्टेशन से कलेक्ट्री चौराहा,नयापुरा,लाडपुरा, रामपुरा, गुमानपुरा,रावतभाटा बसस्टैण्ंड होते हुए दादाबाड़ी, जवाहर नगर होते हुए परशुराम सर्किल लाया जाएगा। यहां से वे परशुराम जयंती की पूर्व संध्या पर आयोजित शोभायात्रा व कार्यक्रम में भाग लेंगे। इससे पहले मार्ग में जुलूस का जगह जगह स्वागत किया जाएगा। करीब 40 जगहों पर स्वागतद्वार लगाए जाएंगे। विभिन्न संगठनों की ओर से मार्ग में स्वागत किया जाएगा। आयोजन की तैयारियां की जा रहीं है।
अखाड़े, बैण्ड-बाजे, झांकियों के साथ निकलेगी शोभायात्रा
ब्राह्मण समाज परशुराम जयंती धूमधाम से मनाएगा। ब्राह्मण समाज महानगर के तत्वावधान में विभिन्न आयोजन होंगे। परशुराम जयंती की पूर्व संध्या पर 17 अप्रेल को बैण्ड-बाजे, घुड़सवार, मनमोहक झांकियों के साथ शोभायात्रा निकाली जाएगी। संयोजक शैलेन्द्र भार्गव ने बताया कि परशुराम जयंती की पूर्व संध्या पर शोभायात्रा का आयोजन किया जाएगा। शोभायात्रा तलवंडी स्थित परशुराम सर्किल से शाम 4.30 बजे रवाना होगी। यह जवाहर नगर थाना रोड, केशवपुरा, महावीर नगर तृतीय चौराहा, घटोत्कच सर्किल होते हुए बालाजी मार्केट स्थित परशुराम वाटिका पहुंचेगी। जहां 501 दीपों से भगवान परशुराम की आरती की जाएगी। सभा का आयोजन किया जाएगा। समाज के वरिष्ठजन व अतिथि संबोधित करेंगे। इससे पहले परशुराम सर्किल पर भगवान परशुराम का पूजन किया जाएगा। समाज के विभिन्न घटकों के अध्यक्षों व पदाधिकारियों का आयोजन समिति की ओर से दुपट्टा भेंटकर सम्मान किया जाएगा।
ऐसा होगा शोभायात्रा का रूप
इसमें सनातन संस्कृति साकार होती नजर आएगी। करीब 10 बग्घियों में संत व शहीद भगत सिंह, सुखदेव व राजगुरु के परिजन सवार रहेंगे। विभिन्न मंदिरों के पुजारी झालर वादन व शंखनाद करते चलेंगे। 20 घोड़ों पर समाज के गणमान्य सवार रहेंगे। 20 से अधिक झांकियां शोभायात्रा की शोभा बढ़ाएंगी। समाज के अनिल तिवारी के अनुसार चार बैंडवादक भक्ति संगीत से श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध करेंगे। मार्ग में 40 स्वागतद्वार लगाए जाएंगे।
तैयारियों को दिया अंतिम रूप
आयोजन की तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। रविवार को कार्यक्रम के आमंत्रण पत्र का विमोचन किया गया। संयोजक शैलेन्द्र भार्गव, राजेन्द्र गौतम, रामस्वरूप शर्मा, ईश्वर शर्मा, हरीश शर्मा, हर्षित गौतम व अन्य लोगों की मौजूदगी में विमोचन किया गया।