
थाने में घुसकर सीआई को थप्पड़ मारने के मामले में भले ही भाजपा नेता भले ही विपक्षियों के निशाने पर आ गए हों, लेकिन उनका दामन भी पाक साफ नहीं है। दो साल पहले आम आदमी पार्टी के नेता और साजीदेहड़ा क्षेत्र के पार्षद मुहम्मद हुसैन ने भी किशोरपुरा थाने में सीआई को थप्पड़ जड़ चुके।
वर्ष 2015 में दशहरा मेला खत्म होने के बाद भी मेला परिसर में कुछ लोग अवैध रूप से दुकानें लगाकर बैठे हुए थे। जिसमें से एक दुकानदार ने बीच सड़क पर जनरेटर लगा रखा था। किशोरपुरा थाने के तत्कालीन थानाधिकारी सवाई सिंह रत्नू इसे हटवाने के लिए मौके पर पहुंचे तो वहां मौजूद लोगों ने उनसे अभद्रता कर दी। जिसके बाद पुलिस ने दो लोगों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ राजकार्य में बाधा डालने का मुकदमा दर्ज किया, लेकिन दोनों आरोपितों को पुलिस जेल भेज पाती इससे पहले ही आप नेता और साजीदेहड़ा पार्षद मोहम्मद हुसैन उन्हें छुड़वाने के लिए समर्थकों के साथ थाने पहुंच गए।
सीआई सवाई सिंह रत्नू ने जब आरोपितों को छोडऩे से मना कर दिया तो पार्षद ने तैश में आकर उनके थप्पड़ जड़ दिया। 15 नवम्बर 2015 की रात को हुई इस घटना में सीआई की ओर से पार्षद के खिलाफ राजकार्य में बाधा डालने और मारपीट करने का मुकदमा दर्ज किया गया। इसके बाद पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर जेल भी भेज दिया। हुसैन को हाईकोर्ट से जमानत मिली तब जाकर जेल से बाहर आए।
सीआई के खिलाफ उनके थाने में ही दर्ज हुआ मुकदमा
किसी सीआई के खिलाफ उसी के थाने में मुकदमा दर्ज होने के बाद लाइन हाजिर होने का मामला भी कोटा में पहला नहीं है। महावीर नगर सीआई श्रीराम बड़ेसर से पहले किशोरपुरा थाने के सीआई देवरार सिंह के खिलाफ पिछले साल मामला दर्ज हुआ था।
26 अक्टूबर 2016 उनके सरकारी आवास में चोरी हुई। जिसमें पकड़े गए आरोपित मोहम्मद इमरान की पुलिस पूछताछ के बाद मौत हो गई। इमरान के परिजनों ने देवरार के खिलाफ उनके थाने में ही रिपोर्ट दर्ज करवाई। जिसके बाद एसपी सिटी ने उन्हें लाइन हाजिर कर दिया था।