राजस्थान के कोटा शहर में सोमवार को मणप्पुरम् गोल्ड लोन फायनेंस कम्पनी में हथियारबंद बदमाशों ने अब तक की सबसे बड़ी लूट को अंजाम दिया है।
कोटा . एक दिन पहले हुए डबल मर्डर की गुत्थी में उलझी शहर पुलिस को बेखौफ बदमाशों ने एक और झटका दे डाला। नयापुरा थाना क्षेत्र में सोमवार को दिनदहाड़े चार हथियारबंद बदमाश थाने से महज 50 मीटर दूर नयापुरा स्थित मणप्पुरम् गोल्ड लोन (फाइनेंस कंपनी) में घुसकर 27 किलो सोना लूटकर ले गए। सोने की कीमत करीब 8.10 करोड़ रुपए है। सूचना पर पहुंचे पुलिस अधिकारियों ने सीसीटीवी के फुटेज के आधार पर बदमाशों की तलाश शुरू कर दी है। कोटा में लूट की इतनी बड़ी यह पहली वारदात है।
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जानकारी के अनुसार नयापुरा थाने से 50 मीटर दूर व उम्मेद पार्क के सामने मणप्पुरम् गोल्ड लोन (फाइनेंस बैंक) में दोपहर 1 बजे 4 बदमाश घुसे। बदमाशों ने अंदर लगे सीसीटीवी पर स्प्रे फेंका। एक ने मुंह पर नकाब पहने हुए था। हथियारबंद बदमाशों ने अंदर मौजूद दो महिला ग्राहकों और कर्मचारियों के मोाबइल छीन लिए और सबको एक तरफ बैठा दिया। इसके बाद बदमाशों ने लॉकर से सोना निकालकर अपने बैग में भरा। करीब दस मिनट में भाग गए।
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बदमाश जाते समय बैंक के चैनल गेट पर ताला लगाा सबको अंदर बंद कर गए। बदमाशों के भागने के बाद कर्मचारियों ने सायरन बजाया। जिसे सुनकर नीचे बने स्टूडियो संचालक ने पुलिस को सूचना दी। घटना की जानकारी मिलते ही आईजी विशाल बंसल, एएसपी समीर कुमार, उप अधीक्षक राजेश मेश्राम एवं नयापुरा सीआई हरीश भारती समेत अन्य पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे। बाद में एफएसएल की टीम, तकनीकी टीम व स्पेशल टीम समेत सभी पुलिस अधिकारियों ने अपने-अपने स्तर पर लुटेरों की तलाश शुरू कर दी।
जल्दी पकड़ लेंगे
आईजी विशाल बंसल ने कहा कि जिस समय यह वारदात हुई, वहां कोई सुरक्षा गार्ड नहीं था। सायरन भी बदमाशों के भागने के बाद बजाया गया। पुलिस की तकनीकी व स्पेशल टीमें लगी हुई है। शीघ्र ही बदमाशों को पकड़ लेंगे।
कम्पनी के एरिया मैनेजर अमित जैन ने बताया कि कोटा में कम्पनी की 4 ब्रांच भीमगंजमंडी, नयापुरा, गुमानपुरा व केशवपुरा हैं। कम्पनी ग्राहकों को सोने के बदले लोन देती है। नयापुरा ब्रांच में करीब 28 किलो सोना रहता है। सोमवार को कितना था इसकी उन्हें जानकारी नहीं है।
कम्पनी में पहले गनमैन रहते थे, लेकिन कुछ समय से सुरक्षा गार्ड रखे हैं। वारदात के समय गार्ड था या नहीं? इस बारे में उन्हें जानकारी नहीं है। प्रबंधन को ये भलीभांति मालूम है कि कार्यालय में काफी मूल्यवान आभूषण रखे हैं, लेकिन फिर भी 15 दिन पहले गनमैन हटा दिया गया। सामान्य सुरक्षा गार्ड भी पांच दिन पहले ही तैनात किया है। जबकि कार्यालय के बाहर चेतावनी बोर्ड लगाकर ग्राहकों को होने वाली परेशानी के लिए माफी मांगी गई है।