कोटा

चहेती फर्म से डेयरी अध्यक्ष के रिश्तेदारों की एन्ट्री, फिर होता था खेल…

kota Dairy scam भुगतान पर भी उठे सवाल.. ACB में मुकदमा दर्ज होने पर भी फर्म को कोटा डेयरी kota dairyमें दे रखा है ठेका
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Jun 27, 2019
scam in kota dairy labor department gets fake license
चहेती फर्म से डेयरी अध्यक्ष के रिश्तेदारों की एन्ट्री, फिर होता था खेल...

कोटा. कोटा जिला दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ (कोटा डेयरी) में चहेती फर्म को अनुचित लाभ पहुंचाने के लिए अधिकारियों ने नियम कायदों को ताक में रख दिया। डेयरी में फर्जी लाइसेंस लगाकर ठेका लेने का मामला सामने आने के बाद भी डेयरी प्रबंधन ने कार्रवाई करने के बजाए बचाने में जुटा रहा।

डेयरी अध्यक्ष श्रीलाल गुंजल इस फर्म के जरिये ही रिश्तेदारों की डेयरी में एन्ट्री करवाता था और फिर मिलीभगत का खेल शुरू होता था। किसान दुग्ध उत्पादक समिति बूंदी के सचिवों ने इसकी शिकायत डेयरी मंत्री, आरसीडीएफ और भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (Corruption prevention bureau) को भी की थी। इसके बाद एसीबी ने परिवाद दर्ज किया था। सहकारिता विभाग (cooperative Department) भी इस मामले की पड़ताल कर रहा है।


डेयरी सूत्रों ने बताया कि चित्रांश पूर्व सैनिक बहुउद्देश्यीय सहकार समिति को वर्ष 2014-15 में डेयरी में लेबर सप्लाई का टेण्डर (Tender) दिया गया था। इस फर्म के जरिये ही डेयरी अध्यक्ष गुंजल ने अपने भतीजे रूपचंद गुर्जर की डेयरी में एन्ट्री करवाई थी। डेयरी के प्रबंध निदेशक ने नियमों को ताक में रखकर रूपचंद को ही दूध की गुणवत्ता की जांच करने वाली लैब का इंचार्ज बना दिया।

दूध के सेम्पल में अपने हिसाब से हेराफेरी करवाता था। चहेती स्वयं के द्वारा संचालित सोसायटियों के दूध की मात्रा, क्वालिटी की उच्च स्तरीय रिपोर्ट बनवाई जाती थी। सेम्पलों की जांच के नाम पर बड़ा खेल किया जाता था। दुग्ध उत्पादक समितियों के सचिवों की शिकायतों पर कार्रवाई करने के बजाए रद्दी की टोकरी में डाल दिया जाता था। इस फर्म के माध्यम अन्य रिश्तेदारों को भी लगा रखा था। इस कारण शिकायतों के बाद भी डेयरी अध्यक्ष ने भी इस फर्म के खिलाफ कार्रवाई की जहमत नहीं उठाई, बल्कि सिक्योरिटी का ठेका देकर उपकृत किया गया।


सिक्योरिटी गार्ड लगाने में धांधली

इस फर्म को डेयरी में सिक्योरिटी का टेण्डर दे रखा है। टेण्डर शर्तों के मुताबिक फर्म को 42 सिक्योरिटी गार्ड लगाने हैं, लेकिन फर्म की ओर से 32 गार्ड ही लगाए जा रहे हैं। प्रतिदिन 10 सिक्योरिटी गार्ड का भुगतान ऊपर उठ रहा है। इस बारे में शिकायत की गई, लेकिन डेयरी अध्यक्ष के प्रभाव के कारण कार्रवाई नहीं हो पाई।

आरसीडीएफ ने एमडी व लेखाधिकारी को जवाब-तलब किया
राजस्थान पत्रिका में डेयरी में चल रहे घोटाले को उजागर करने के बाद सरकार में भी हड़कम्प मच गया है। राज्य सरकार के निर्देश पर आरसीडीएफ प्रबंधन ने गुरुवार को डेयरी के एमडी श्यामबाबू वर्मा व तथा लेखाधिकारी अखिलेश सक्सेना से जवाब तलब किया है। दोनों अधिकारियों को सहकारिता विभाग की जांच में ठेका फर्म को लाभ पहुंचाने का दोषी माना गया है। डेयरी घोटाला सत्ता पक्ष और विपक्ष के विधायकों के संज्ञान में भी आ गया है। वे इस घोटाले को विधानसभा में उठाएंगे।

Published on:
27 Jun 2019 11:00 pm