कोटा

मोठपुर में छात्र-छात्राओं का फूटा गुस्सा, थाने के सामने तीन घंटे धरना

Aug 02, 2026
Rajasthan

स्कूल को अंग्रेजी से वापस हिंदी मीडियम करने और शिक्षकों के खाली पद भरने की मांग

मोठपुर (बारां). शिक्षा मंत्री मदन दिलावर की गृह तहसील अटरू के मोठपुर कस्बा िस्थत महात्मा गांधी सरकारी स्कूल के छात्र-छात्राओं ने विद्यालय को अंग्रेजी माध्यम से पुनः हिंदी माध्यम में करने और स्कूलों में शिक्षकों की कमी को पूरा करने की मांग को लेकर शनिवार को प्रदर्शन किया। सुबह 8 बजे से 11 बजे तक चले इस प्रदर्शन के दौरान विद्यार्थियों ने पुलिस थाने के सामने धरना देकर जमकर नारेबाजी की और आक्रोश व्यक्त किया। शिक्षा मंत्री के खिलाफ भी नारेबाजी की गई।
सात दिन की चेतावनी देकर उठे
सुबह विद्यालय में छात्र-छात्राएं एकत्रित हुए और यहां से 8 बजे पुलिस थाने के सामने पहुंच गए जहां थाना प्रभारी कमल सिंह ने छात्र-छात्राओं की समस्याओं को सुना एवं समझाइश का प्रयास किया लेकिन छात्र-छात्राएं अधिकारियों को मौके पर बुलाने की मांग पर अड गए। थोड़ी देर में मौके पर समाजसेवी तरुण मीणा, चिंटू शर्मा, राकेश सरसोदिया समेत अन्य लोगों ने पहुंचकर समर्थन करते हुए मांगों को पूरा करने की मांग की। सूचना मिलते ही तुरंत मौके पर पहुंचे तहसीलदार अनिल सामरिया पहंुचे एवं उच्चाधिकारियों को अवगत कराने के लिए कहा। छात्र-छात्राओं ने तहसीलदार एवं थानाधिकारी को ज्ञापन भी सौंपा व सात दिन की चेतावनी दी।
यह है मामला

प्रदर्शन कर रहे छात्र-छात्राओं ने बताया कि विद्यालय के इंग्लिश मीडियम होने से पढ़ाई प्रभावित हो रही है एवं पढ़ाई समझ में नहीं आ रही। अब तक तो हिंदी मीडियम में अध्ययन किया लेकिन इंग्लिश मीडियम के बाद से ही पढ़ाई करने में परेशानियां आ रही है। साथ ही विद्यालय में शिक्षकों की कमी भी है। वर्तमान में एक भी व्याख्याता विद्यालय में नहीं है। विद्यालय सूत्रों के अनुसार विद्यालय में आधा दर्जन व्याख्याता एवं सैकंड ग्रेड शिक्षकों के कई पद रिक्त हैं। आगामी समय में छात्र छात्राओं के टेस्ट शुरू होने वाले है लेकिन शिक्षकों की कमी के चलते पढ़ाई नहीं हो पाई।
-मोठपुर और अटरू इंग्लिश मीडियम स्कूलों को हिन्दी माध्यम में भी चलाने का यहां से शिक्षा मंत्रीजी को प्रस्ताव भेजा हुआ है। चूंकि दोनों जगह हिन्दी स्कूल एक तरह से नए खुलेंगे, ऐसे में मंत्रीजी के यहां से भी प्रस्ताव मुख्यमंत्रीजी के पास भेजा गया है।
सीताराम गोयल, जिला शिक्षा अधिकारी
बारां

Updated on:
02 Aug 2026 06:00 am
Published on:
02 Aug 2026 06:00 am
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45 करोड़ की सड़क एक साल में दूसरी बार टूटी, गुणवत्ता पर सवाल यपाटन मार्ग पर करीब 45 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित 22.50 किलोमीटर लंबी सड़क एक वर्ष के भीतर दूसरी बरसात भी नहीं झेल पाई। सड़क एक साल में दूसरी बार क्षतिग्रस्त हो गई है, जिससे निर्माण सामग्री की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। इस बार सुवासा, बाजड और जमीतपुरा गांव के बीच करीब 15 स्थानों पर डामर जगह-जगह से उखड़ गया है और गिट्टी बाहर निकलने लगी है। क्षतिग्रस्त सड़क पर पैचवर्क की मांग को लेकर ग्रामीणों ने शनिवार को सुवासा कस्बे में विरोध प्रदर्शन किया। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क पर बने गहरे गड्ढों के कारण विशेष रूप से रात्रि के समय वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। अंधेरे में गड्ढे दिखाई नहीं देने से आए दिन दोपहिया और चारपहिया वाहन चालक गिरकर चोटिल हो रहे हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन और सार्वजनिक निर्माण विभाग से तत्काल पैचवर्क और सड़क की स्थायी मरम्मत कराने की मांग की है। जानकारी के अनुसार, तालेड़ा से केशोरायपाटन तक सड़क निर्माण के लिए 45 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए थे। निर्माण कार्य 15 अगस्त 2022 से शुरू हुआ था और इसे सितंबर 2023 तक पूरा किया जाना था, लेकिन सड़क के दोनों ओर लगभग डेढ़ मीटर पटरी निर्माण का कार्य अभी भी कई स्थानों पर अधूरा पड़ा है। ग्रामीणों के अनुसार, सड़क पर लगभग एक वर्ष पूर्व डामरीकरण किया गया था, लेकिन दिसंबर 2025 में सुवासा, बाजड और जमीतपुरा के बीच करीब 20 स्थानों पर सड़क उखड़ गई थी। उस समय संवेदक द्वारा पैचवर्क कर सड़क की मरम्मत की गई थी, लेकिन मरम्मत कार्य की गुणवत्ता संतोषजनक नहीं रही। परिणामस्वरूप जुलाई 2026 में दूसरी बरसात शुरू होते ही सड़क फिर से उखड़ गई और कई स्थानों पर गिट्टी निकलने लगी है। लगातार टूट-फूट के कारण सड़क धीरे-धीरे बड़े गड्ढों में तब्दील होती जा रही है। इस मार्ग से प्रतिदिन करीब तीन हजार से अधिक छोटे-बड़े व भारी वाहन गुजरते हैं। यह सड़क नेशनल हाईवे 52 व मेगा हाईवे को जोड़ती है। सड़क की बदहाल स्थिति के कारण वाहन चालकों, किसानों, मजदूरों और आसपास के गांवह/वें के लोगों को रोजाना परेशानी झेलनी पड़ रही है। कई बार शिकायत करने के बावजूद अब तक स्थायी समाधान नहीं हो पाया है। अभिषेक गुर्जर, सहायक अभियंता, सार्वजनिक निर्माण विभाग, तालेड़ा ने बताया कि तालेड़ा से सुवासा के बीच कुछ स्थानों पर सड़क क्षतिग्रस्त हुई है और सड़क निर्माण का कुछ कार्य अभी शेष है। संवेदक का पूरा भुगतान अभी नहीं हुआ है। क्षतिग्रस्त सड़क की मरम्मत करने के निर्देश संवेदक को दे दिए गए हैं। सड़क वर्तमान में गारंटी अवधि में है और इसकी मरम्मत संवेदक द्वारा ही कराई जाएगी।

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