Success Story : बारां जिले के समरानियां के निकट स्थित रामपुर उप्रेती गांव के आशु पर सटीक बैठती है। आशु ने हौसला खोए बिना तीसरे प्रयास में नीट में सफलता पाई और अब वह गांव का पहला डॉक्टर बनाने वाला है।
Success Story : जिंदगी में कुछ पाना हो तो खुद पर एतबार रखना, सोच पक्की और क़दमों में रफ्तार रखना, कामयाबी मिल जाएगी एक दिन निश्चित ही तुम्हें, बस खुद को आगे बढ़ने के लिए तैयार रखना...ये पंक्तियां बारां जिले के समरानियां के निकट स्थित रामपुर उप्रेती गांव के आशु पर सटीक बैठती है। आशु ने हौसला खोए बिना तीसरे प्रयास में नीट में सफलता पाई और अब वह गांव का पहला डॉक्टर बनाने वाला है।
आशु ने बताया कि पहली बार नीट दी तो कम अंक आए। दूसरी बार में भी इतने नंबर नहीं आ सके कि सरकारी कॉलेज मिल जाए। इस बार अपनी कमियों को समझा और फिर तैयारी में जुट गया। पढ़ने का जज्बा और आर्थिक परििस्थति देख मोशन इंस्टीट़्यूट ने फीस में रियायत दी। फेकल्टी की गाइडेंस में पिछले सालों में हुए नीट पेपर के सवाल हल किए। कोचिंग टेस्ट में जो सवाल गलत होते, उनको दोस्तों के साथ हल करता। आखिर मेहनत रंग लाई। आशू ने नीट में 657 अंक हासिल कर ख्वाब पूरा किया। ऑल इंडिया रैंक 525 हासिल की।
चिंता मत करो, अपनी पूरी कोशिश करो
आशु ने बताया कि पिता राजेश किराड़ किसान हैं। मां गृहिणी हैं। घर की आर्थिक िस्थति ठीक नहीं है, फिर भी परिजन उसे डॉक्टर बनाना चाहते थे। ऐसे में जब टेस्ट में नंबर काम आते थे तो मन घबराता था, लेकिन पिता कहते चिंता मत करो, बस अपनी पूरी कोशिश करो।