
कोटा .
आर्बिटे्रट से तय मुआवजा दिए बगैर नार्दन बाइपास का काम शुरू करने से 21 गांवों के किसान भड़क उठे। कहीं कोई सुनवाई नहीं होने पर किसानों ने रविवार को नॉर्दन बाइपास पर महापंचायत बुलाई। इसमें तय हुआ कि 15 दिन में बढ़ा हुआ मुआवजा नहीं मिला तो किसान आरपार की लड़ाई लडऩे को मजबूर होंगे और सड़क निर्माण कार्य बंद करवा देंगे। महापंचायत ने लाडपुरा विधायक, यूआईटी के अफसरों और सरकार पर धोखा देने का भी आरोप लगाया। आर्बिट्रेट से 398475 रुपए प्रति बीघा का मुआवजा तय हुआ है।
PICS: कोटा में दो मंजिला बीयर बार ढहा,कई लोग दबे, देखिए भयानक हादसे की तस्वीरें
किसानों ने कहा कि नॉर्दन बाइपास के लिए 7 साल पहले जमीनें अधिग्रहित करने के बाद भी उन्हें उचित मुआवजा नहीं दिया। मुआवजे का विवाद खड़ा कर यूआईटी ने आर्बिट्रेटर तो नियुक्त कर दिया, लेकिन उसका फैसला लागू कराने की बजाय मामले को कोर्ट में घसीट लिया। जब एनएचएआई को आर्बिट्रेटर मंजूर नहीं था तो उसने मुआवजे की रकम तय करने से पहले उसका विरोध क्यों नहीं किया?
किसानों ने सरकार, यूआईटी और एनएचएआई पर मिलीभगत का आरोप लगाते हुए कहा कि सभी उन्हें गुमराह कर रहे हैं। किसानों की चिंता है तो पहले बढ़ा मुआवजा दिलाएं। सड़क का काम पूरा होते ही मुख्यमंत्री फीता काटेंगी। सरकार इसे अपनी उपलब्धि बना प्रचारित करने लगेगी, लेकिन किसान तो मारा जाएगा। किसानों ने राज्य सरकार और यूआईटी को 15 दिन का अल्टीमेटम दिया है।
Breaking News: कोटा में हवाई सेवा को प्रमोट करेगा एलन
एक पखवाड़े के भीतर मुआवजा नहीं मिला तो काम रुकवाने और बेमियादी धरना शुरू कर देंगे। महापंचायत में रामलखेड़ी, नौटाना, पीपल्दा, चंद्रेसल, नयागांव तकिया, गावड़ी, गंगायचा, रंगपुर, ब्रजेशपुरा, देवली मच्छियान, खेड़ली पाण्या, रामराजपुरा, खेड़ा रसूलपुर, मानस गांव, घघटाना, ताथेड़, मानपुरा, बोरखंडी, शेखान और अर्जुनपुरा गांव के करीब 400 किसान शामिल हुए।
...तो चुनाव का बहिष्कार
महापंचायत में तय हुआ कि जो राजनीतिक दल उनकी लड़ाई में साथ खड़े नहीं होंगे 21 गांव के किसान उन्हें वोट नहीं देंगे। यदि कोई साथ खड़ा नहीं हुआ तो चुनाव का बहिष्कार करेंगे। इसका फैसला अगली महापंचायत में किया जाएगा।
PICS: बैसाखी के मौके पर जानिए कोटा के गुरुद्वारो के बारे में ,क्या है इनकी विशेषता
ये रहे मौजूद
महापंचायत में मुकुट नागर, बृजराज मीणा, भैंरू शंकर, बंशी लाल, भंवर लाल, महेंद्र गुर्जर, नन्द किशोर मीणा, घनश्याम मीणा, नन्दलाल मीणा सहित 400 से ज्यादा किसान मौजूद रहे।