कोटा

हाईटेक चोर: हाई प्रोफाइल चोरी के लिए लग्जरी ट्रेनों में करवाया जाता है रिजर्वेशन, भेष बदल कर की जाती है प्लानिंग

लग्जरी ट्रेनों में हाई प्रोफाइल चोरियों का मुद्दा भी गर्मा गया है। बाकायदा यात्री बनकर चोर दे रहें वारदातों को अंजाम।
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Updated: 1 Apr 2018, 1:24 PM IST
kota Junction

कोटा . शामगढ़ व गरोठ रेलवे स्टेशन के बीच रेलवे ट्रेक पर राजधानी ट्रेन की महिला यात्री उत्तर प्रदेश के मऊ निवासी संगीता अग्रवाल के मृत मिलने पर पहले लूट की नीयत से हत्या का संदेह उपजा। लेकिन, पड़ताल में मृतका के खिलाफ ही करोड़ों की चोरी के मामले दर्ज होने का पता चलने पर जीआरपी और आरपीएफ की नींद उड़ी है। साथ ही लग्जरी ट्रेनों में हाई प्रोफाइल चोरियों का मुद्दा भी गर्मा गया है। बाकायदा यात्री बनकर चोर दे रहें वारदातों को अंजाम। लगातार बढ़ती ऐसी वारदातों के मद्देजनर 'पत्रिका ने भी पड़ताल की, पेश है विशेष रिपोर्ट।

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ये तो उदाहरण मात्र हैं। राजधानी समेत अन्य ट्रेनों के एसी और स्लीपर कोच में यात्रियों के पर्स व सामान चोरी होने के मामले दिनों दिन बढ़ रहे हैं। कोटा, सवाई माधोपुर, दिल्ली व मथुरा समेत अन्य जीआरपी थानों में मुकदमे दर्ज हैं। खास बात यह कि ये ट्रेनों में ऐसी वारदात के ज्यादातर मामलों में यात्री ही चोर निकले, यानी अब ट्रेंड बदल गया, चोर रिजर्वेशन कराकर यात्रा कर रहे हैं और इसी दौरान मौका देख सामान उड़ा फरार हो जाते हैं।

भेष भी बदलते हैं 'प्रोफेशनल चोर
जीआरपी कोटा ने गत वर्ष नवम्बर में पंजाब के अमृतसर निवासी कुलवीर सिंह उर्फ हैप्पी(41) को रतलाम जेल से प्रोडक्शन वारंट पर गिरफ्तार किया था। यह राजधानी समेत अन्य ट्रेनों में चोरी की नीयत से ही रिजर्वेशन कराकर यात्रा करता था। बार-बार यात्रा करने पर पहचान छिपाने के लिए वेश भी बदलता था। कभी सरदार, कभी नॉर्मल तो कभी अन्य लुक धरता। कुलवीर ने अगस्त क्रांति राजधानी ट्रेन में एक साथ दस चोरियां तक की। जीआरपी कोटा ने उसी के घर से स्वाति अरोड़ा के जेवर बरामद किए थे।

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पहले जनरल कोच थे टारगेट
कुछ साल पहले तक ट्रेनों के जनरल कोच में चोर बिना टिकट यात्रा करते थे, भीड़ में जेब काटने व सामान चोरी की वारदात करते। लेकिन, अब ट्रेंड बदल गया। ट्रेन में सबसे सुरक्षित समझे जाने वाले एसी कोच में अब अधिक चोरियां हो रही।

संदिग्धों पर रख रहे निगरानी
जीआरपी उप अधीक्षक रोहिताश्व कुमार शर्मा ने बताया कि कोटा में एसी कोच में चोरी का एक ही मामला दर्ज हुआ है वह भी ट्रेस कर लिया। एसी कोचों में बढ़ रही चोरियों को देखते हुए राजधानी समेत अन्य ट्रेनों के एसी कोचों में बार-बार यात्रा करने वाले संदिग्ध लोगों पर निगरानी की जा रही है। कोशिश है कि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोक ा जा सके।

केस-1. 3 दिसम्बर 2017 : जबलपुर -अजमेर दयोदय एक्सप्रेस के 'एस-5Ó कोच में तड़के मुगावली और अशोक नगर के बीच चोर लता जैन का बैग चुरा ले गए। इसमें सोने की दो अंगूठी, एक चेन और करीब 25 हजार रुपए व स्मार्ट फोन था।

केस-2. 5 दिसम्बर-2017: देहरादून एक्सप्रेस के एसी कोच 'ए-1Ó से कोसी व मथुरा के बीच चोर तलवंडी निवासी विभा महोबिया का पर्स ले गए। पर्स में एक हजार डॉलर, 5 हजार रुपए, सोने की तीन चेन, टॉप्स और पासपोर्ट भी था।

केस-3. 8 अगस्त 2017: राजधानी एक्सप्रेस से दिल्ली जाते वक्त सूरत निवासी स्वाति अरोड़ा का पर्स चोरी हो गया। पर्स में सोने की चार चूडिय़ां, मंगलसूत्र व दस हजार रुपए थे। कोटा जीआरपी ने मुकदमा दर्ज कर आरोपित को गिरफ्तार किया।

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