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Big News: अफसरों की आंख के आगे ठेका मजदूरों ने कोटा थर्मल को लगा दी 40 लाख की चपत

कोटा सुपर थर्मल पॉवर प्लांट में इलेक्ट्रिसिटी डिस्ट्रिब्यूशन जनरेटर खराब होने से मंगलवार को 210 मेगावाट क्षमता की तीसरी यूनिट अचानक ठप हो गई।
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Updated: 30 May 2018, 7:00 AM IST
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कोटा थर्मल में कोयले कस संकट बना हुआ है।

कोटा . कोटा सुपर थर्मल पॉवर प्लांट (केएसटीपीएस) में इलेक्ट्रिसिटी डिस्ट्रिब्यूशन जनरेटर खराब होने से मंगलवार को 210 मेगावाट क्षमता की तीसरी यूनिट अचानक ठप हो गई। ठेका मजदूरों की लापरवाही और इक्युपमेंट की रूटीन मेंटीनेंस नहीं होने व अफसरों की लापरवाही से थर्मल को करीब 40 लाख का चूना लग गया।

तीसरी इकाई दोपहर दो बजे तक पूरी क्षमता से विद्युत उत्पादन कर रही थी, लेकिन पांच मिनट बाद ही इलेक्ट्रिसिटी डिस्ट्रीब्यूशन जनरेटर अचानक बंद हो गया। उस वक्त अधिकांश ठेका मजदूर ही विद्युत उत्पादन का काम संभाल रहे थे, जो समय रहते जनरेटर ठीक नहीं कर सके। ग्रिड के लिए सप्लाई बंद होने के कारण यूनिट का टर्बाइन ट्रिप कर गया। इससे पहले कि थर्मल प्रबंधन खराबी ठीक कर पाता पूरी यूनिट ही ठप हो गई। अब यूनिट चालू करने में एक दिन से ज्यादा का समय लग सकता है। इसे दोबारा चालू करने के लिए थर्मल प्रबंधन को करीब 40 लाख रुपए खर्च करने पड़ेंगे।

सातवीं इकाई भी बनी मुसीबत
थर्मल प्रबंधन सातवीं इकाई में भी पूरी क्षमता से उत्पादन नहीं कर पा रहा। 195 मेगावाट विद्युत उत्पादन क्षमता वाली थर्मल की सबसे नई यूनिट मंगलवार को सिर्फ 115 मेगावाट विद्युत उत्पादन ही कर सकी। इससे भी ग्रिड को आधी बिजली सप्लाई हुई।

कोल क्रेशर भी जला
कोटा थर्मल में लापरवाही का आलम यह है कि ओवर टाइम बचाने के चक्कर में तकनीकी रूप से दक्ष कर्मचारियों को इधर-उधर तैनात कर विद्युत उत्पादन का अधिकांश काम ठेका श्रमिकों के हवाले कर दिया गया है। जिसके चलते केएसटीपीएस में आए दिन हादसे हो रहे हैं। तीन दिन पहले दूसरी विद्युत उत्पादन इकाई के लिए कोयला पीसने वाले कोल क्रेशर 4 बी में भी आग लग गई थी। समय रहते दमकल ने आग पर काबू पा लिया नहीं तो बड़ा हादसा हो सकता था।

कार्यवाहक मुख्य अभियंता एचबी गुप्ता ने बताया कि जनरेटर में तकनीकी खराबी आने के कारण तीसरी यूनिट ट्रिप कर गई। कल तक खराबी दूर करने की कोशिश की जा रही है। इसके बाद यूनिट फिर से चालू कर दी जाएगी।

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