राजस्थान यूनिवर्सिटी के पूर्व महासचिव नरेश मीणा की रिहाई की मांग को लेकर बारां में तीन छात्र बीएसएनएल के टॉवर पर चढ़ गए।
राजस्थान यूनिवर्सिटी के पूर्व महासचिव नरेश मीणा की रिहाई की मांग को लेकर बारां में पांचवे दिन भी छात्रों का आमरण अनशन जारी रहा। अनशन के बाद भी कोई सुनवाई होती ना देख शुक्रवार सुबह तीन छात्र अन्नपूर्णा नगर स्थित बीएसएनएल टॉपर पर चढ़ गए। छात्रों के टॉवर पर चढ़ने की खबर लगते ही पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया। आला अफसर मौके पहुंच गए हैं और छात्रों को टॉवर से नीचे उतारने की कोशिश की जा रही है। हालांकि प्रशासनिक अधिकारियों को अभी इस काम में सफलता नहीं मिल सकी है।
नरेश मीणा के सत्याग्रह के समर्थन में किसान व छात्रों का अनशन शुक्रवार को पांचवें दिन भी जारी रहा। गुरुवार को अनशन कर रहे युवकों की तबीयत बिगड़ जाने के बाद भी जब प्रशासन की ओर से नरेश मीणा की रिहाई को लेकर कोई आश्वासन नहीं मिला तो शुक्रवार को आंदोलन अक्रामक हो गया। करीब 11 बजे तीन छात्र अचानक अन्नपूर्णा कॉलोनी में बने बीएसएनएल के टावर पर चढ़ गए और अपनी मांगें मनवाने के लिए नारेबाजी करने लगे।
पुलिस प्रसासन में मचा हड़कंप
तीन युवकों के मोबाइल टॉवर पर चढ़ने की खबर लगते ही पुलिस और प्रशासन में हड़कंप मच गया। आनन-फानन में पुुलिस जाप्ता और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंच गए। उन्होंने तीनों युवकों को नीचे उतारने की खासी कोशिश की, लेकिन युवक नरेश मीणा की रिहाई से पहले नीचे उतरने को तैयार नहीं है। आपातकालीन व्यवस्था के तहत प्रशासन ने दमकल और जाल भी मंगवा लिया है। इसके साथ ही समझाइश का दौर जारी है, लेकिन अभी तक युवकों को नीचे उतारने में सफलता नहीं मिल सकी है।
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गुरुवार को बिगड़ी अनशनकारियों की हालत
गुरुवार को चार लोग अनशन पर बैठे रहे। दोपहर बाद जिला चिकित्सालय में इनका स्वास्थ्य परीक्षण कराया गया। वहीं बुधवार को अनशन पर बैठे पर दो छात्रों को उसी रात तबीयत बिगडऩे पर जिला चिकित्सालय में भर्ती कराया गया था। जहां अब भी एक छात्र का उपचार चल रहा है। कोतवाली पुलिस ने बताया कि आधा दर्जन युवक अनशन पर बैठे थे। इनमें से दो युवकों धर्मेश व विक्रम को बुधवार को तबीयत बिगडऩे पर जिला चिकत्सालय में भर्ती कराया था। एक युवक को गुरुवार को डिस्चार्ज कर दिया गया तथा एक युवक धर्मेश मीणा जिला चिकित्सालय में भर्ती है। वहीं चार अन्य अनशनकारी युवकों एहतियात के तौर पर चिकित्सालय में स्वास्थ्य परीक्षण कराया गया।
यह हैं प्रमुख मांगें
किसानों की बिजली बिलों में हो रही अनियमितताओं की उच्च स्तरीय जांच हो, बिजली का बिल दो की जगह एक माह के हिसाब से लिया जाए। कृषि कार्य के लिए नवीन बिजली कनेक्शन के लिए 31 मार्च तक लिए आवेदनों पर सकारात्मक रूप से विचार कर कनेक्शन जारी किए जाए। बीपीएल छात्र-छात्राओं की उच्च शिक्षा नि:शुल्क हो, समस्त निजी विद्यालयों, महाविद्यालयों एवं कोचिंग संस्थान के क्रियाकलापो पर सरकार का नियंत्रण हो आदि मांगों को लेकर अनशन पर बैठे हैं।