
कोटा. हाईवे पर फर्राटा भरती कारों को टायर फटने से आए दिन होने वाले हादसों पर अब लगाम लग सकेगी। इस तरह की जनहानि को रोकने के लिए अब गाडियों में टायर प्रेशर मॉनिटरिंग सिस्टम (टीपीएमएस) लगाना अनिवार्य होगा। ऑटोमेटिव रिसर्च एसोसिएशन ऑफ इंडिया (एआरएआई) द्वारा टीपीएमएस सिस्टम के मानक जारी करने के बाद केंद्रीय सड़क, परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने इस अधिसूचना का ड्राफ्ट भी जारी कर दिया है। उम्मीद है कि नई सरकार के साथ मुसाफिरों की सुरक्षा का नया कानून भी अमल में आ जाएगा।
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टायर फटने से होने वाली दुर्घटनाएं रोकने के लिए सड़क परिवहन व राजमार्ग मंत्रालय ने एआरएआई पूने की निदेशक उर्धवारिषी की अध्यक्षता में स्थाई ऑटोमेटिव इंडस्ट्री स्टैंडर्ड कमेटी का गठन किया था। इसने सिस्टम डवलपमेंट, टेस्टिंग और सिंबल निर्धारण और क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के लिए एआरआईए के एए बडुशा की अध्यक्षता में 11 सदस्यीय टायर प्रेशर मॉनिटरिंग सिस्टम कमेटी गठित की।
दो साल तक चले शोध और परीक्षणों के बाद टीपीएमएस कमेटी ने जुलाई 2018 में सभी वाहनों में इस हाईटेक टेक्नोलॉजी के इस्तेमाल को अनिवार्य बनाने की सिफारिश सरकार से कर दी। शोध के नतीजे इतने कारगर थे कि परिवहन मंत्रालय ने नई व्यवस्था को लागू करने के लिए टीपीएमएस नोटिफिकेशन का ड्राफ्ट जारी कर 22 दिसंबर 2018 तक सभी स्टेक होल्डर्स से सुझाव मांग लिए।
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ऐसे करता है काम
टायर प्रेशर मॉनीटरिंग सिस्टम में पांच सेंसर और एक बॉक्सनुमा डिस्प्ले शामिल है। वॉल्वनुमा चार सेंसर पहियों में लगाए जाएंगे, जबकि एक सेंसर इंजन में। टायर में लगे सेंसर हवा का दबाव, टेम्प्रेचर, कट, पंचर या किसी भी दूसरी तरह की खराबी पकड़ते हैं, जबकि पांचवां सेंसर इंजन पर पडऩे वाले दबाव की जानकारी देगा, ताकि दुर्घटना की संभावना होने पर चालक वाहन रोक कर खामी ठीक कर सके।
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अप्रेल में जारी हुआ एआईएस
केंद्रीय परिवहन मंत्रालय इन सुझावों को अंतिम रूप दे टायर प्रोटेक्शन मॉनिटरिंग सिस्टम लगाना अनिवार्य करता, उससे पहले लोकसभा चुनावों की अधिसूचना जारी हो गई। हालांकि ऑटोमेटिव रिसर्च एसोसिएशन ऑफ इंडिया ने अप्रेल 2019 में किस तरह के टायरों के साथ कौन सा टीपीएमएस लगाया जाना है, इस बाबत ऑटोमेटिव इंडस्ट्रीज स्टेंडर्ड (एआईएस-154) जारी कर दिए।
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कंपनियों ने लिया हाथों हाथ
कार निर्माता कंपनियों को लोगों की सुरक्षा का यह इंतजाम इतना कारगर लगा कि उन्होंने इसे हाथों हाथ ले ऑप्शनल एक्सेसरीज के तौर पर मुहैया कराना शुरू कर दिया। मारुति और टोयोटा जैसी कंपनियां ने अपनी छोटी कारों में टीपीएमएस सिस्टम इंस्टॉल करने लगी हैं। हालांकि वह इसके लिए करीब 12,990 रुपए अतिरिक्त चार्ज कर रही हैं।
टायर फटने से होने वाली सड़क दुर्घटनाएं रोकने के लिए सरकार वाहनों में टायर प्रेशर मॉनीटरिंग सिस्टम लगाने की तैयारी कर रही है। ऑटोमेटिव रिसर्च एसोसिएशन ऑफ इंडिया ने हाल ही इस बाबत स्टेंडर्ड जारी किए हैं। सड़क, परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने भी टीपीएमएस नोटिफिकेशन का ड्राफ्ट जारी किया है, लेकिन स्पष्ट होना बाकी है कि यह सिक्योरिटी सिस्टम गाडिय़ों के निर्माण के साथ ही लगकर आएगा या फिर ऑप्शनल एक्सेसरीज के रूप में दिया जाएगा, जो भी सरकार के निर्देश होंगे, उनकी पालना कराई जाएगी।
प्रकाशसिंह राठौड़, आरटीओ, कोटा