उप मुख्यमंत्री एवं सार्वजनिक निर्माण विभाग मंत्री दिया कुमारी ने बुधवार को आरएसआरडीसी बोर्ड मिंटिग की अध्यक्षता करते हुए अधिकारीयों को प्रदेश के सभी टोल बूथों पर टोल कलेक्शन फास्टैग से करवाने तथा सभी स्थानों पर रेट बोर्ड लगवाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि टोल बूथों पर फास्टैग लागू होने से आमजन को राहत मिलेगी।
उप मुख्यमंत्री एवं सार्वजनिक निर्माण विभाग मंत्री दिया कुमारी ने बुधवार को आरएसआरडीसी बोर्ड मिंटिग की अध्यक्षता करते हुये अधिकारीयों को प्रदेश के सभी टोल बूथों पर टोल कलेक्शन फास्टैग से करवाने तथा सभी स्थानों पर रेट बोर्ड लगवाने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि टोल बूथों पर फास्टैग लागू होने से आमजन को राहत मिलेगी।
टोल नीति में महत्वपूर्ण सुधारों को दी मंजूरी
उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी ने बुधवार को आरएसआरडीसी बोर्ड मीटिंग की अध्यक्षता करते हुए टोल नीति में सुधार के महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी। उपमुख्यमंत्री ने कहा है कि टोल नियमों में किये गये इन महत्वपूर्ण परिवर्तनों से टोल संवेदको में प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी तथा टोल टैक्स एकत्रण की प्रक्रिया नियमित एवं सुचारू होने से राजस्व में वृद्धि होगी।
बोर्ड मिटिंग के महत्वपूर्ण निर्णय
वर्तमान में लागू टोल पॉलिसी के कुछ बिन्दओं को समय की आवश्यकता के अनुरूप संशोधित किया गया है। वर्तमान में लागू संवेदक का रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया समाप्त कर दी गई जिससे अधिक संख्या में संवेदक निविदा प्रक्रिया में भाग ले सकेगें। टोल अवधि अब एक साल, अधिकतम 3 माह बढ़ेगा कान्ट्रेक्ट टोल की कान्ट्रेक्ट की अवधि 2 वर्ष से घटाकर 1 वर्ष कर दी गयी है। जिसे अधिकतम 3 माह बढ़ाया जा सकेगा। नियमों की पालना नहीं करने पर रू 1 लाख प्रति त्रुटि की पेनेल्टी का प्रावधान रखा गया है। यह दस्तावेज एनएचआई के नियमों के अनुरूप तैयार किया गया है। टोल रोड पर टोल टैक्स एकत्र करने के लिए नई आरएफक्यू कम आरएफपी दस्तावेज तैयार किए गए हैं । इसके तहत् संवेदक की नेट वर्थ निविदा लागत की 20 प्रतिशत होना आवश्यक है।