Kota Unique Park: कोटा में यातायात नियमों के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए अनोखी पहल की गई है। शहर के यातायात पुलिस कार्यालय परिसर में तैयार सड़क सुरक्षा जागरूकता पार्क में यमराज, चित्रगुप्त और 5 फीट ऊंचा हेलमेट लोगों को नियमों का संदेश दे रहा है।
Road Safety New Initiative: कोटा शहर में सड़क हादसों पर लगाम लगाने और आमजन को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से यातायात पुलिस कार्यालय परिसर में सड़क सुरक्षा 22 जागरूकता पार्क तैयार किया गया है। कोटा शहर पुलिस और लॉयंस क्लब कोटा नॉर्थ चैरिटेबल ट्रस्ट के संयुक्त प्रयासों से इस पार्क को विकसित किया गया है, ताकि लोग नियमों को डर से नहीं, बल्कि समझ और जिम्मेदारी से अपनाएं।
पार्क में गांधीजी की शिक्षाओं को स्टेच्यू के रूप में दर्शाया गया है। गांधीजी के तीन बंदर बुरा मत देखो, बुरा मत सुनो और बुरा मत बोलो…, यातायात में संयम और अनुशासन का संदेश देते हैं।
वहीं यमराज और चित्रगुप्त के स्टेच्यू भी यह बताते हैं कि सड़क पर की गई लापरवाही का हिसाब भी तय होता है। ये प्रतीक खासकर युवाओं को यह समझाने का प्रयास करते हैं कि तेज रफ्तार और नियमों की अनदेखी जीवन पर भारी पड़ सकती है। सड़क हादसे रोकने के लिए हेलमेट जरूर पहनें।
पार्क का प्रमुख आकर्षण 5 फीट ऊंचा विशाल हेलमेट है, जो सड़क सुरक्षा का मजबूत प्रतीक बनकर उभरा है। इसके साथ ही हेलमेट न पहनने पर होने वाले हादसों की झलक स्टेच्यू के माध्यम से दिखाई गई है। यह दृश्य लोगों को भावनात्मक रूप से झकझोरता है और हेलमेट पहनने की अनिवार्यता को प्रभावी ढंग से समझाता है।
पार्क में बनाया गया श्रद्धांजलि स्थल गांधीजी के अहिंसा संदेश के साथ सड़क दुर्घटनाओं में जान गंवाने वालों को याद कराता है। यह स्थान लोगों को यह संकल्प दिलाता है कि वे नियमों का पालन कर दूसरी और अपने जीवन की रक्षा करेंगे।
बच्चों और युवाओं को यातायात नियमों की जानकारी देने के लिए पार्क में ट्रैफिक लाइट, सड़क संकेतक, पदमार्ग, सुरक्षित क्रॉसिंग व वाहन चलाते समय सावधानी के मॉडल लगाए गए है। यहां बच्चे खेल-खेल में सीख सकेंगे कि सड़क पर कैसे सुरक्षित चलना और वाहन चलाना है। यह पार्क भविष्य के जिम्मेदार नागरिक तैयार करने की दिशा में एक मजबूत कदम है।
पार्क में एक विशेष काउंसलिंग सेंटर भी बनाया गया है। यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों को पुलिस यहां लाकर समझाइश देगी। तेज बाइक चलाने, नशे में वाहन चलाने या अन्य यातायात नियमों का उल्लंघन करने से पकड़े गए लोगों के अभिभावकों को भी बुलाया जाएगा। काउंसलिंग के जरिए उन्हें उनकी गलती और उसके परिणाम समझाए जाएंगे, ताकि भविष्य में ऐसी गलतियां दोहराई न जाएं।
सड़क सुरक्षा जागरूकता पार्क केवल एक संरचना नहीं, बल्कि जीवन बचाने की पहल है। यह पार्क बच्चों, युवाओं और अभिभावकों को जोड़कर यातायात नियमों के प्रति जिम्मेदार सोच विकसित करेगा और सड़क हादसों को रोकने में अहम भूमिका निभाएगा। पार्क में करीब 6 लाख की लागत आई है। पार्क शहर पुलिस अधीक्षक तेजस्वनी गौतम के निर्देशन में तैयार किया गया।
वरुण रस्सैवट, प्रोजेक्ट चेयरमैन, लॉयंस क्लब कोटा नॉर्थ चैरिटेबल ट्रस्ट
यातायात पुलिस ऑफिस कार्यालय परिसर में शहरवासी सड़क सुरक्षा जागरूकता पार्क देख सकते हैं। यहां सबसे अधिक यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले लोग लाए जाते हैं। उन्हें सबसे पहले पार्क का भ्रमण कराया जाएगा, इसके बाद स्वागत कक्ष में उनकी काउंसलिंग की जाएगी। काउंसलिंग के दौरान उन्हें शपथ भी दिलाई जाएगी। यह एलईडी में भी दिखाया जाएगा और शपथ पूर्ण करने पर प्रमाण पत्र प्रदान किया जाएगा। यदि कोई व्यक्ति दोबारा यातायात नियमों का उल्लंघन करता पाया गया तो उसकी फोटो भी चस्पा की जाएगी।