
कोटा . चुनावी साल में राज्य सरकार ने सात साल के लम्बे इंतजार के बाद तृतीय श्रेणी शिक्षकों को बड़ी खुशखबरी दी है। सरकार ने शुक्रवार को तृतीय श्रेणी शिक्षकों के तबादले पर लगे बैन को खोल दिया है। तबादलों का पिटारा खुलते ही कोटा शहर फुल हो गया। जबकि गांव खाली हो गए।
अधिकतर गांव के स्कूलों के शिक्षक शहर में आ गए है। इससे कोटा शहर के अधिकतर स्कूलों में शिक्षकों के पद भर गए है। यहीं नहीं प्रतिबंधित क्षेत्र बारां व झालावाड़ जिलों में भी शिक्षकों के तबादले किए गए। तबादलों को लेकर शिक्षक वर्ग में खासा उत्साह देखा जा रहा है।
गौरतलब है कि चुनावी साल में राज्य सरकार ने सरकारी क्षेत्र में सबसे बड़े वर्ग शिक्षा विभाग के कर्मचारियों को रिझाने के लिए तबादलों से बैन खोला है। सरकार ने तृतीय श्रेणी शिक्षक, प्रबोधिक व शारीरिक शिक्षकों के तबादले किए है।
पिछले दिनों सरकार ने शिक्षकों से ऑनलाइन, ऑफ लाइन और व्यक्तिगत तीनों ही तरह के आवेदन लिए गए थे। उसके बाद शिक्षक तबादलों के लिए लंबे समय से इंतजार कर रहे थे।
शैक्षिक प्रकोस्ट अधिकारी देवलाल गोचर ने बताया कि गांवों के स्कूलों के रिक्त पदों को नई भर्ती के माध्यम से भरा जाएगा।
प्रतिबंधित क्षेत्रों से भी हुई तबादले
शिक्षा विभाग के प्रतिबंधित या माने कि डार्क जोन में आने वाले बारां व झालावाड़ जिलों में भी शिक्षकों के तबादले हुए है। इन जिलों से सरकार ने करीब 17 साल बाद तबादलों से बैन हटाया है। बारां जिले के 344, झालावाड़ जिले के 223 व कोटा जिले के 384 शिक्षकों की तबादलों की सूची जारी की गई है।
दो चरणों में होंगे तबादले
तृतीय श्रेणी शिक्षकों के तबादले दो चरणों में होंगे। प्रथम चरण में प्रारंभिक शिक्षा के लगे शिक्षकों के तबादले किए जाएंगे। इसके बाद माध्यमिक शिक्षा में लगे शिक्षकों के तबादले दूसरे चरण में होंगे। सभी तबादले जून के प्रथम सप्ताह में हो जाएंगे। पूर्व में सूचियों पर हस्ताक्षर किसके होंगे, इसे लेकर विवाद चल रहा था, लेकिन सीएमओ की दखल के बाद अब उसका समाधान हो गया।
इनके हो चुके है तबादले
शिक्षा विभाग में करीब दो माह से तबादलों का दौर चल रहा है। पिछले दिनों प्रिंसिपल, लैक्चर, हैडमास्टर और सैकण्ड ग्रेड के शिक्षकों के तबादले हुए है।