
कोटा. शहर में नालों के आस-पास और नालों के ऊपर कब्जे ( encroachment ) कर बारिश में हजारों लोगों को परेशानी में डालने वालों की खैर नहीं। राज्य सरकार ( Rajasthan government ) ने तय किया है कि ऐसे सभी अतिक्रमणोंको हटाया जाएगा, जिनकी वजह से नालों का प्रवाह नहीं हो पा रहा। इस बारे में न्यास को निर्देश दिए गए हैं।
नगरीय विकास मंत्री शांति धारीवाल ( UDH Minister Shanti Dhariwal) बताया कि शहर में बड़ी संख्या में नालों के ऊपर और आस-पास कब्जे कर रखे हैं। जिसकी वजह से न तो नाले साफ हो पाते हैं और बरसात के बाद पानी भरने की समस्या उत्पन्न हो जाती है। इसलिए अब नालों के आसपास और नालों के ऊपर किए गए सभी अतिक्रमण हटाए जाएंगे। इसके लिए बरसात के बाद अभियान चलाया जाएगा।
धारीवाल ने कहा कि अतिक्रमण हटाने के लिए ही न्यास के अतिक्रमणरोधी दस्ते को मजबूत किया जा रहा है। इसमें एक पुलिस निरीक्षक आशीष भार्गव को तैनात किया गया है। वे शीघ्र ही अपना कामकाज शुरू करेंगे। इसके बाद बाकी के अधिकारी और कर्मचारी लगाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि ऐसे अनेक स्थानों पर भी अतिक्रमण हुए हैं। जहां अवैध कब्जों की वजह से ही जल भराव की समस्या उत्पन्न हो रही है। ऐसे सभी स्थानों का सर्वे करा कर सभी अतिक्रमण हटाए जाएंगे। इससे पहले पीसीसी सदस्य राजेन्द्र सांखला ने उन्हें फोन पर कोटा की स्थिति की जानकारी दी।
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कलक्टर से जाने हालात
शहर में कुछ बस्तियों में जलप्लावन की स्थिति को लेकर धारीवाल ने सुबह ही कलक्टर मुक्तानंद अग्रवाल से फोन पर बात की और हालात जाने, उन्होंने अग्रवाल से कहा कि लोगों को परेशान नहीं होने दिया जाए। उन्होंने एरोड्रम के पास हवाई अड्डे की दीवार तोड़ कर पानी निकालने के भी निर्देश दिए। इसके अलावा जवाहर नगर, अनंतपुरा की बस्तियों के हालत की समीक्षा की।