
कोटा . वैसे ही परेशानियों से जूझ रहे आम आदमी से नगर विकास न्यास में खतरा हो सकता है। यह बात भले ही किसी के गले ना उतरे, लेकिन न्यास में तो यह डर पसरा हुआ है। इससे निपटने के लिए ही न्यास ने दो माह पहले सुरक्षा की एक ओर दीवार खड़ी कर दी। न्यास के नियमानुसार दफ्तर में आने वाले प्रत्येक आगंतुक को सुरक्षा कर्मी के पास अपने आने के कारण सहित अन्य जानकारी देने के बाद ही प्रवेश दिया जाना है। अलबत्ता ऐसा हो नहीं रहा।
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'पत्रिका संवाददाता ने मंगलवार को हालात देखे। सुरक्षा की इस व्यवस्था का नजारा यह था कि नेताओं-अफसरों के साथ घूमने वाले कार्यकर्ता और प्रॉपर्टी डीलर तो बेधड़क बिना किसी सुरक्षा प्रविष्टि के अंदर आते-जाते रहे। लेकिन, अपने काम काज के सिलसिले में दफ्तर आने वाले आम लोगों को सुरक्षा की सारी औपचारिकताएं पूरी करनी पड़ी। वैसे न्यास इस तरह की सुरक्षा व्यवस्था लागू करने वाला कोटा में आम जनता से जुडा पहला सरकारी विभाग है।
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ये रोजाना आते हैं, इसलिए छूट
'पत्रिका टीम जब न्यास कार्यालय में पहुंची तो गेट पर दो गार्ड तैनात थे और वहां से गुजर रहे व्यक्तियों को रोक उनकी एंट्री कर रहे थे। इसी दौरान वहां से कई व्यक्ति ऐसे आए जो बिना एंट्री के चले गए, तैनात गार्ड ने उन्हें टोका तक नहीं। इस पर गार्ड से पूछा गया तो उसका कहना था कि इनका तो रोज काम पड़ता है। इसलिए इनकी एंट्री नहीं कराई है। बेरोकटोक आने वाले लोगों में कुछ लोग ऐसे थे, जो दिन भर यहां वहां अपने मिलने वालों के काम करने के लिए आते हैं। कुछ प्रॉपर्टी डीलर भी नजर आए।
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आम नागरिक को आती है परेशानी
नगर विकास न्यास में एंट्री सिस्टम लागू होने के बाद वहां पर आने वाले लोगों को काफी परेशानियों को सामना करना पड़ रहा है। पहले तो लोग अपने काम से आते थे और सीधा कार्यालय के अंदर चले जाते थे, लेकिन एंट्री सिस्टम लागू के बाद कई लोग जिस कक्ष में काम होता है उसका नंबर या नाम नहीं बता पाते। रजिस्टर में एंट्री नहीं होने पर गार्ड उन्हें बाहर ही रोक देता है। न्यास के एक कर्मचारी ने बताया कि यह व्यवस्था सिर्फ आम लोगों के लिए ही बनी है। अन्य कई लोग तो बिना एंट्री करवाए ही नगर विकास न्यास के कक्ष में चले जाते हैं।
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निरक्षर महिलाओं को बाहर बिठाया
उडिय़ा बस्ती की आधा दर्जन महिलाएं किसी काम से न्यास कार्यालय में जाने लगी। तैनात गार्ड ने उन्हें वहां पर रोका और एंट्री करने के लिए बोला, लेकिन महिलाओं ने पढ़े-लिखे नहीं होने की बात बोल एंट्री से मना कर दिया। इस पर गार्ड ने उन्हें बाहर ही रोक दिया। पत्रिका संवाददाता ने इस घटना का वीडियो बनाना शुरू किया तो गार्ड की नजर पड़ी और उसने महिलाओं को बिना एंट्री के ही अंदर जाने दिया।
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पाबंद करेंगे
यूआईटी अध्यक्ष राम कुमार मेहता ने बताया कि ज्यादा लोग एकसाथ आ जाएं तो न्यूसेंस होता है, इसीलिए एंट्री व्यवस्था लागू की। यह यूआईटी दफ्तर में आने वाले सभी लोगों के लिए है। अगर कुछ लोग एंट्री कराके नहीं जा रहे तो गार्ड को पाबन्द करेंगे। जो लोग पढ़े-लिखे नहीं उनकी एंट्री गार्ड खुद करेंगे।