
कोटा . दिनों दिन बढ़ते गंभीर आपराधों के ग्राफ के बावजूद सरकार का कोटा में इन पर नकेल पर शायद फोकस नहीं है। भरोसा नहीं तो आइये देखिये, राजस्थान पुलिस की खुफिया एजेंसी एसओजी (स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप) और एटीएस (आतंकवाद निरोधक दस्ता) के दफ्तरों का हाल। संभाग मुख्यालय होने के बावजूद यहां दोनों ही विभागों में एएसपी के पद लम्बे समय से रिक्त चल रहे हैं। दोनों विभागों का चार्ज जयपुर के एक अधिकारी के पास है। वे भी जयपुर से ही अपराधों की मॉनिटरिंग कर रहे हैं।
स्टेशन रोड स्थित डाक बंगले के पीछे और ग्रामीण पुलिस अधीक्षक के बंगले के पास एक छोटे से पुराने भवन में दोनों के दफ्तर चल रहे हैं। दोनों विभागों के अधिकारियों के चैम्बरों को कुछ समय पहले ही ठीक कराया गया है, लेकिन हालत यह है कि दोनों ही विभागों में अधिकारी नहीं होने से यहां से जो कार्रवाई होनी चाहिए, वह नहीं हो रही। वर्तमान में दोनों ही विभागों का कार्यवाहक चार्ज एसओजी जयपुर के एएसपी पुष्पेद्र सिंह के पास है। उन्हीं के पास जयपुर एटीएस का भी चार्ज है। इस कारण कोटा में होने वाली कार्रवाई भी जयपुर के स्तर पर की जाती है।
एक का एसीबी, दूसरे का बारां स्थानांतरण
जानकारों के अनुसार एसओजी के तत्कालीन एएसपी आलोक सिंघल का करीब एक साल पहले मार्च 2017 में एसीबी और एटीएस के एएसपी विजय स्वर्णकार का करीब 4 माह पहले बारां स्थानांतरण हो गया। सिंघल का स्थानांतरण होने के बाद एसओजी का चार्ज भी लम्बे समय तक स्वर्णकार के पास ही था, लेकिन उनका भी स्थानांतरण होने से बाद से दोनों विभागों का चार्ज एएसपी पुष्पेन्द्र सिंह के पास है।
यहां एएसआई के भरोसे कार्यालय
कोटा में दोनों ही विभागों में एएसपी स्तर के अधिकारी के पद होने के बावजूद यहां दोनों कार्यालय एटीएस के एएसआई सूरत सिंह के भरोसे चल रहे हैं। एसओजी का कार्य भी वही देख रहे हैं। एटीएस में जहां एएसआई व 4 हैड कांस्टेबल समेत करीब 10 का स्टाफ है, वहीं एसओजी में मात्र 3 कांस्टेबल तैनात हैं। इन्हें भी अक्सर जयपुर या अन्य जिलों में कार्रवाई के लिए भेज दिया जाता है।
समय समय पर आता हूं...
एएसपी एसओजी जयपुर पुष् पेंद्र सिंह कहते हैं कि 'जयपुर और कोटा दोनों ही जगहों पर एसओजी व एटीएस के चार्ज मेरे पास हैं। समय-समय पर कोटा भी आता हूं। अभी छुट्टी पर होने से राजस्थान के बाहर आया हुआ हूं।