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Special News: कोटा में रोजाना 2.58 करोड़ की पड़ रही गर्मी!

क्या आप जानते हैं कि यह गर्मी जेब पर भी कितना भारी पड़ रही ? हां जनाब, पसीने से लथपथ काया को ही कष्ट नहीं, जेब भी कट रही है ।
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Updated: 25 May 2018, 11:14 AM IST
weathe News
कोटा में रोजाना 2.58 करोड़ की पड़ रही गर्मी!

कोटा . शहर का पारा इन दिनों 45 डिग्री पार चल रहा है। भीषण गर्मी से जनजीवन को तपा रही है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि यह गर्मी जेब पर भी कितना भारी पड़ रही ? हां जनाब, पसीने से लथपथ काया को ही कष्ट नहीं हो रहा, जेब भी कट रही है गरीब-अमीर सभी की।

'राजस्थान पत्रिका' ने एक्सपर्ट पैनल बनाकर से डिफरेंट एंगल केलकुलेशन कराया तो चौंकाने वाला तथ्य सामने आया। मोटे अनुमान के मुताबिक बिजली, पानी, बीमारी, ट्रांसपोर्ट, खान-पान समेत विभिन्न क्षेत्रों में बढ़े खर्च को जोडें़ तो कोटा शहर की जनता पर रोजाना 2.58 करोड़ का अतिरिक्त भार पड़ रहा है!

केईडीएल सीओओ अभिजॉय सरकार ने बताया कि कोटा में रोजाना 40 लाख यूनिट बिजली की खपत हो रही, जबकि सर्दी मेंं प्रति दिन 25.66 लाख यूनिट बिजली की खपत रही। बढ़ी हुई 13.33 लाख यूनिट से आमजन पर प्रतिदिन 93 लाख का विद्युत खर्च बढ़ा है।

कोटा पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष तरूमीत सिंह बेदी ने बताया कि शहर में वाहनों से रोजाना 4500 लीटर पेट्रोल, 2500 लीटर डीजल भाप बन कर उड़ जाता है। इसकी लागत करीब 5.49 लाख रुपए बैठती है।

ट्रांसपोर्ट कम्पनीज एसोसिएशन के महासचिव निगम शर्मा ने कहा कि शहर से रोजाना 5000 लोडिंग गाडिय़ों का परिवहन है। गर्मी के चलते गाडिय़ां देरी से पहुंच रही हैं। इससे इंश्योरेंस, मेंटीनेंस, टायर, पंक्चर, ड्राइवर खलासी का खर्च बढ़ा है। यह लगभग रोजाना 1 करोड़ रुपए है।

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कोटा केमिस्ट एसोसिएशन अध्यक्ष क्रांति जैन का कहना है कि गर्मी में डिहाइडे्रशन, लू तापघात, लूज मोशन, पेट दर्द आदि बीमारियां बढ़ी हैं। गर्मी से शहर में रोजाना 10 लाख की दवाइयों की अधिक खपत हो रही है।

शीतल पेय पदार्थ विक्रेता संघ के अध्यक्ष निरंजन मंडावत ने बताया कि गर्मी के चलते लोग गन्ने के रस, तरबूज खरबूजा, जलजीरा, खीरा ककड़ी, कोल्ड ड्रिंक्स, छाछ, लस्सी, श्रीखंड, ज्यूस सेवन कर रहे हैं। यहां रोजाना 25 लाख का शीतलपेय बिक रहा है।

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